शहाबगंज में अकीदत के साथ अदा की गई अलविदा जुमे की नमाज, मुल्क में अमन-चैन के लिए उठे हजारों हाथ
पवित्र रमजान माह के अंतिम शुक्रवार को शहाबगंज क्षेत्र में 'अलविदा जुमे' की नमाज हर्षोल्लास और अकीदत के साथ अदा की गई। हजारों रोजेदारों ने मस्जिदों में इकट्ठा होकर देश की खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआएं मांगी।
पवित्र रमजान का आखिरी जुमा संपन्न
मुल्क में अमन-चैन की मांगी दुआ
मस्जिदों में उमड़ा नमाजियों का सैलाब
थानाध्यक्ष प्रियंका सिंह ने संभाली कमान
सौहार्दपूर्ण वातावरण में अदा हुई नमाज
चंदौली जिले के शहाबगंज में पवित्र रमजान माह के अंतिम शुक्रवार यानी 'अलविदा जुमे' की नमाज आज पूरे शहाबगंज क्षेत्र में अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद रोजेदारों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। क्षेत्र की तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां सभी ने एक स्वर में मानवता और मुल्क की तरक्की की कामना की।
मस्जिदों में उमड़ी भीड़ और भाईचारे का संदेश
क्षेत्र के बड़गावां, ठेकहां, करनौल, सिहोरिया, शहाबगंज कस्बा, एकौना, अमरसीपुर, किड़िहिरा, भटरौल, अमांव, भूसी व भोड़सर सहित ग्रामीण अंचलों की मस्जिदों में सुबह से ही हलचल शुरू हो गई थी। नमाज से पहले मस्जिदों के इमामों ने 'खुत्बा' (धार्मिक उपदेश) दिया। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अजमल हयात ने अपने संबोधन में कहा कि रमजान रहमत और मगफिरत का महीना है। उन्होंने इंसानियत, नेक राह पर चलने और गरीबों की मदद करने का पैगाम दिया।
मुल्क की सलामती के लिए उठे हजारों हाथ
नमाज के बाद का मंजर बेहद भावुक और रूहानी था। हजारों रोजेदारों ने एक साथ अल्लाह की बारगाह में हाथ फैलाकर देश में अमन-चैन, आपसी सौहार्द और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी। नमाज संपन्न होने के बाद छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने एक-दूसरे को गले लगकर 'अलविदा जुमे' की मुबारकबाद दी। बाजार में भी रौनक दिखी और लोगों ने ईद की खरीदारी के लिए उत्साह दिखाया।
प्रशासन रहा अलर्ट, सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
नमाज के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। थानाध्यक्ष प्रियंका सिंह स्वयं पुलिस बल के साथ क्षेत्र में लगातार गश्त करती रहीं। संवेदनशील माने जाने वाले स्थानों और प्रमुख मस्जिदों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक सतर्कता और जनता के सहयोग के कारण पूरे क्षेत्र में नमाज शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जो क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है।