शहाबगंज के अमांव गांव में आयुष स्वास्थ्य शिविर संपन्न: 157 मरीजों की हुई जांच, ग्रामीणों को दिए सेहत के टिप्स
शहाबगंज के अमांव गांव में राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय द्वारा निशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में 157 मरीजों की जांच कर उन्हें मुफ्त दवाएं दी गईं और स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग अपनाने की सलाह दी गई।
राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय शहाबगंज द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य शिविर
कुल 157 मरीजों का पंजीकरण और आयुर्वेदिक उपचार
जोड़ों का दर्द, पेट की समस्या और त्वचा रोगों की विशेष जांच
डॉ. मोनिका मोहिनानी ने बताए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय
समाजसेवी मिथिलेश कुमार की पहल पर जरूरतमंदों को मिली मदद
चंदौली जिले के शहाबगंज विकास खंड के अंतर्गत अमांव गांव में शनिवार को स्वास्थ्य सेवाओं की नई किरण पहुंची। राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय शहाबगंज के तत्वावधान में एक विशाल 'आयुष स्वास्थ्य शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के उन लोगों तक प्रभावी और प्राकृतिक चिकित्सा सेवाएं पहुँचाना था, जो अक्सर संसाधनों के अभाव में इलाज से वंचित रह जाते हैं। कैंप में सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
157 मरीजों की जांच और मुफ्त दवा वितरण
स्वास्थ्य शिविर के दौरान कुल 157 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने प्रत्येक मरीज की गहन जांच की और आयुर्वेदिक पद्धति के आधार पर परामर्श दिया। शिविर में मुख्य रूप से सर्दी-खांसी, जोड़ों का दर्द, पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं, त्वचा रोग और शारीरिक कमजोरी जैसी सामान्य बीमारियों का इलाज किया गया। सभी चिन्हित मरीजों को अस्पताल की ओर से आवश्यक दवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
आयुर्वेद और योग से बढ़ेगी प्रतिरोधक क्षमता
शिविर में उपस्थित चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिका मोहिनानी ने आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुर्वेद केवल बीमारी को ठीक नहीं करता, बल्कि शरीर की 'इम्युनिटी' (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को भी मजबूत बनाता है। उन्होंने मरीजों को सलाह दी कि वे अपने दैनिक जीवन में नियमित योग, प्राणायाम और संतुलित आहार को शामिल करें। डॉ. मोहिनानी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे छोटी बीमारियों को नजरअंदाज न करें और समय पर आयुर्वेदिक उपचार अपनाकर दीर्घायु प्राप्त करें।
समाजसेवी मिथिलेश कुमार की सराहनीय पहल
इस पुनीत कार्य में युवा समाजसेवी मिथिलेश कुमार की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में आर्थिक तंगी के कारण लोग अक्सर बड़े अस्पतालों तक नहीं जा पाते। इसी समस्या को देखते हुए इस निशुल्क शिविर की योजना बनाई गई ताकि जरूरतमंदों को उनके घर के पास ही विशेषज्ञ चिकित्सा मिल सके। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प दोहराया।
शिविर में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. मोनिका केसरवानी, फार्मासिस्ट जितेंद्र पांडेय, वार्ड बॉय कृष्ण कुमार रावत और योग प्रशिक्षक वासुदेव व रेनू की टीम ने सक्रिय योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधान यदुनाथ सिंह चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य अभिषेक वर्मा, दुर्गा चौहान, अखिलेश विश्वकर्मा, अभिषेक जायसवाल, अंश जायसवाल, विजय चौहान और अरविंद चौहान सहित भारी संख्या में ग्रामीण व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।