चकिया तहसील दिवस में गूंजा नवजात की मौत का मामला, बद्रीनाथ अस्पताल के डॉक्टर पर लगे गंभीर आरोप
बद्रीनाथ अस्पताल में नवजात की मौत
परिजनों ने एसडीएम से की शिकायत
चकिया तहसील दिवस में गूंजा मामला
डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप
चंदौली जिले के चकिया स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय के पास चल रहे बद्रीनाथ अस्पताल में एक दुखद घटना सामने आई है। प्रसव के लिए भर्ती कराई गई महिला के ऑपरेशन के बाद जन्मे नवजात की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने समेत कई संगीन आरोप लगाए हैं।
इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत, वाराणसी में हुई मौत
बबुरी थाना क्षेत्र के भदौलीया गांव के रहने वाले अर्जुन अपनी पत्नी किरण देवी को डिलीवरी के लिए बद्रीनाथ अस्पताल लाए थे। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने किरण देवी का ऑपरेशन किया, जिसके बाद जन्मे नवजात बच्चे की हालत बेहद नाजुक हो गई। स्थिति बिगड़ने पर बच्चे को पहले चकिया के किनाराम अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया। वाराणसी में इलाज के दौरान नवजात ने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप: ना देखने दिया बच्चा, वसूले लाखों रुपये
पीड़ित परिवार का आरोप है कि डिलीवरी के बाद बच्चे की हालत खराब होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी। आरोप यह भी है कि परिजनों को नवजात का चेहरा तक देखने नहीं दिया गया और इलाज के नाम पर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। बच्चे की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने दिए जांच के संकेत
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने चकिया तहसील दिवस में उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी डॉक्टर और अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि इस डॉक्टर पर पहले भी लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। उधर, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।