रसोईघर और बेसिन बना फिर भी खुले में बन रहा मिड-डे मील, बलिया कलां स्कूल की तस्वीर वायरल
चंदौली के उच्च प्राथमिक विद्यालय बलिया कलां में रसोईघर और बेसिन मौजूद होने के बावजूद खुले में मिड-डे मील बनाने की तस्वीर वायरल हुई है। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से जांच की मांग की है।
बलिया कलां स्कूल में मिड-डे मील का मामला
सुविधाओं के बावजूद खुले में बनता खाना
सोशल मीडिया पर तस्वीर हुई वायरल
ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक पर लगाए गंभीर आरोप
बेसिक शिक्षा विभाग से जांच की मांग
चंदौली जिले के चकिया विकासखंड अंतर्गत स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय बलिया कलां एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस बार मामला बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की स्वच्छता और व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। विद्यालय में बुनियादी ढांचा मौजूद होने के बावजूद खुले परिसर में भोजन तैयार किए जाने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस फोटो के सामने आते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए हैं और स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठा रहे हैं।
बेसिन और रसोईघर मौजूद, फिर भी खुले में बन रहा खाना
अचरज की बात यह है कि शासन की ओर से विद्यालय परिसर में पक्का रसोईघर और बर्तन-सब्जी धोने के लिए बेसिन की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके बावजूद रसोइया और स्टाफ खुले में ही सब्जी काटते और चावल धोते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। स्कूल में लंबे समय से रसोईघर का सही इस्तेमाल करने के बजाय खुले में ही खाना तैयार किया जा रहा है। सुविधाओं के होते हुए भी उनका इस्तेमाल न करना समझ से परे है।
झाड़ियों और जहरीले जीवों के बीच भोजन पकाने से खतरा
स्कूल परिसर के बड़े हिस्से में लंबी-लंबी घास और झाड़ियां उगी हुई हैं। बारिश के मौसम के बाद ऐसे स्थानों पर जहरीले सांप, कीड़े और अन्य जीवों के छिपे रहने की पूरी आशंका बनी रहती है। ऐसे असुरक्षित माहौल में खुले में भोजन सामग्री तैयार करने से संक्रमण और भोजन के दूषित होने का सीधा खतरा बना रहता है। अगर गलती से भी भोजन में कोई हानिकारक तत्व या जीव चला जाए, तो इसका बुरा असर मासूम बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
प्रधानाध्यापक पर लापरवाही का आरोप, जांच की मांग
स्थानीय निवासियों ने इस पूरी अव्यवस्था के लिए विद्यालय के प्रधानाध्यापक को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक की घोर लापरवाही और ढिलाई की वजह से ही रसोईघर का इस्तेमाल नहीं हो रहा है और मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से अपील की है कि वायरल तस्वीर का तत्काल संज्ञान लिया जाए। उन्होंने स्कूल परिसर की सफाई कराने और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि खबर सार्वजनिक होने और ग्रामीणों के विरोध के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके का मुआयना कर व्यवस्था दुरुस्त करते हैं या मामला कागजों में ही दबा रह जाता है।