शहीदे आजम भगत सिंह जयंती पर विचार गोष्ठी, देश की नीतियों पर उठे तीखे सवाल
शहीद-ए-आजम भगत सिंह को दी गई श्रद्धांजलि
हड़ौरा गांव में विचार गोष्ठी का आयोजन
कामरेड श्याम बिहारी सिंह ने सरकार पर साधा निशाना
चंदौली जिला के शहाबगंज विकासखंड में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर रविवार को हड़ौरा गांव में एक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें जिले के विभिन्न अंचलों से आए बुद्धिजीवियों ने भगत सिंह के विचारों की प्रासंगिकता और वर्तमान राजनीतिक-आर्थिक हालात पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई।
‘भगत सिंह विचार मंच’ के प्रवक्ता कामरेड श्याम बिहारी सिंह ने कहा कि देश की गृह और विदेश नीति भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की पूंजीवादी नीतियों के कारण नौजवान बेरोजगारी के अंधेरे में फंसते जा रहे हैं। शिक्षा व अनुसंधान पर बजट घट रहा है, जबकि हर गांव में नशे की दुकानें खुल रही हैं। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अनुसंधान पर भारी निवेश से वह आर्थिक महाशक्ति बना, जबकि भारत के युवा जातिगत और सांप्रदायिक उन्माद में उलझाए जा रहे हैं।
विदेश नीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर भारी टैरिफ लगा दिया है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था संकट में है। “कल तक जिस अमेरिका के सामने सरकार झुकती थी, वही अब हमारे व्यापार को चौपट करने पर आमादा है,” उन्होंने कहा। उन्होंने जनता से भारतीय नवजनवादी गठबंधन (NDF) बनाकर भगत सिंह के सपनों का जनवादी भारत गढ़ने की अपील की।
आगरा विश्वविद्यालय के डीन डॉ नागेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आज सरकारें फासीवाद के रास्ते पर चल रही हैं । जब आप भगत सिंह का इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगाते हैं तो सत्ताधारी दलों में भय की सिहरन दौड़ जाती है । आज भी अंग्रेज परस्त नीतियों पर चलने वाले दल भगत सिंह से और उनके विचारों से डरते हैं ।
वक्ताओं ने कहा कि आज भी देश में अंग्रेजों की पूंजीवादी नीतियों का असर दिखता है और सभी दल विदेशी पूंजी पर आश्रित हैं। कार्यक्रम के दौरान कवि वसीम की अगुवाई में कवियों ने क्रांतिकारी गीतों और कविताओं से माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
गोष्ठी में ज्योति कुमारी भारती, उषा देवी, कन्हैया राम, गोपाल पांडेय, शहजादे, भानुप्रताप, राम अवध सिंह, विजय गोंड, नागेंद्र यादव, इंद्रासन तिवारी, देवेंद्र धर दूबे, रामजी यादव, राधेश्याम यादव, डॉ. सुदामा पांडेय, विजय यादव, पारसनाथ यादव, असलम खान, प्रेमशंकर तिवारी आदि लोग रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ गीता शुक्ला तथा सूर्यनाथ सिंह ने संचालन मिश्रीलाल पासवान ने किया।