भारत माला परियोजना के विरोध के बाद पहुंची फोर्स, सुलह-समझौते और आश्वासन के बाद फिर से काम हुआ शुरू
धरौली गांव में सड़क निर्माण को लेकर मचा बवाल
फसल रौंदने पर किसानों ने लगाया जबरन अधिग्रहण का आरोप
मुआवजा न मिलने से भड़के किसान
मौके पर पहुंचे SDM, CO और भारी पुलिस बल
अधिकारियों ने दिया मुआवजा का आश्वासन
चंदौली जिला के धरौली गांव के पास बुधवार को दिन में उस समय हंगामा की स्थिति खड़ा हो गई। जब भारतमाला परियोजना के अंतर्गत सड़क बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण करने जेसीबी लेकर प्रशासन के लोग पहुंचे। और धान की फसल की रोपाई किए गए खेत में जेसीबी चलाना शुरु कर दिया। तब तक मौके पर पहुंचकर किसानों ने हंगामा खड़ा कर दिया। और प्रशासन पर जबरदस्ती अपनी भूमि अधिग्रहण किए जाने का आरोप लगाते हुए काम को रुकवा दिया।
बताते चलें कि किसान कृष्णावती देवी, दिलीप सिंह, संजय सिंह, मनोज सिंह का आरोप है कि उनके जमीन का अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया और बिना किसी सूचना के खेत में फसल को प्रशासन द्वारा जबरदस्ती रौंदकर अधिग्रहण किया जा रहा है।
किसानों द्वारा काम को रोकने के बाद मौके पर चकिया के उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी रघुराज, इलिया, शहाबगंज, चकरघट्टा और नौगढ़ थाना की पुलिस सहित एक प्लाटून पीएसी मौके पर पहुंच गई। इस बीच अधिकारियों ने किसानों से कहा कि वह जमीन अधिग्रहण के मामले में व्यवधान उत्पन्न न करें, उन्हें मुआवजा की धनराशि बाद में मिल जाएगी। लेकिन किसान मांनने को तैयार नहीं हो रहे थे। घंटों चले बातचीत तथा पंचायत के बाद किसान प्रशासन की बात मानने को तैयार हो गए, तब जाकर जेसीबी पोकलेन मशीन लगाकर धान की खड़ी फसल को रौंदते हुए उसका समतलीकरण का कार्य शुरू किया गया।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि भारत पहली परियोजना के तहत सड़क बनाने का कार्य किसानों से बातचीत के बाद हल हो गया है। कार्य सुचारू रूप से हो रहा है।