बनरसिया गांव में बदहाल सड़क को लेकर भड़के भाजपा नेता, अपनी ही पार्टी के चकिया विधायक पर लगाए कई आरोप
चंदौली के शहाबगंज अंतर्गत बनरसिया गांव की बदहाल सड़क को लेकर भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री सूर्यनारायण चौबे ने अपनी ही पार्टी के चकिया विधायक पर सोशल मीडिया के जरिए तीखा हमला बोला है। इससे स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है।
बनरसिया गांव की बदहाल सड़क का मुद्दा
पूर्व भाजपा मंडल महामंत्री ने उठाए सवाल
चकिया विधायक कैलाश आचार्य पर गंभीर आरोप
फेसबुक पोस्ट से गर्म हुआ राजनीतिक माहौल
100 मीटर सड़क के लिए तरस रहे ग्रामीण
चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत बनरसिया गांव में विकास कार्यों और जर्जर सड़क व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री एवं वर्तमान सेक्टर प्रभारी सूर्यनारायण चौबे ने अपनी ही पार्टी के चकिया विधायक कैलाश आचार्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक तीखा पोस्ट लिखकर गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था पर भारी नाराजगी जताई है। इस पोस्ट के सामने आते ही पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
100 मीटर सड़क के लिए तरस रहे ग्रामीण, आवागमन हुआ दूभर
डेहरी कलां गांव निवासी पूर्व भाजपा मंडल महामंत्री सूर्यनारायण चौबे ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वे हाल ही में बनरसिया गांव गए थे। लेकिन गांव का कोई भी ऐसा रास्ता नहीं है, जिससे कोई सुरक्षित तरीके से किसी के घर तक पहुंच सके। उन्होंने बताया कि गांव के पश्चिम दिशा में स्थित स्कूल के पास से आंगनबाड़ी केंद्र तक महज 100 मीटर सड़क बनवाने के लिए कई बार जनप्रतिनिधि से गुहार लगाई गई, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ।
बारिश होते ही थमता है गांव का रास्ता, विधायक पर बोला तीखा हमला
सूर्यनारायण चौबे ने आरोप लगाया कि बनरसिया गांव में करीब एक किलोमीटर सड़क की स्थिति बेहद दयनीय है। हल्की सी बारिश होते ही सड़क पर जलजमाव हो जाता है और लोगों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि गांव की सड़क बनवाने की मांग करते-करते वे अब पूरी तरह थक चुके हैं। इस दौरान उन्होंने फेसबुक पोस्ट में काफी तीखी भाषा का प्रयोग करते हुए चकिया विधायक के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली।
पार्टी के अंदर उठी आवाज से बैकफुट पर संगठन, जनता को राहत का इंतजार
गौरतलब है कि सूर्यनारायण चौबे पूर्व में शहाबगंज मंडल में भाजपा के महामंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में पार्टी के सेक्टर प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पहले भी सोशल मीडिया के जरिए विकास से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। हालांकि, अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ खुलकर सामने आने से स्थानीय राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। अब देखना यह होगा कि इस विवाद के बाद बनरसिया गांव की जर्जर सड़क की सुध ली जाती है या ग्रामीणों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।