चकिया में किसानों का हल्ला बोल: बिजली और सिंचाई संकट पर भाकियू ने SDM को घेरा, दी आंदोलन की चेतावनी
चकिया में अनियमित बिजली आपूर्ति और सिंचाई की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अ) ने हुंकार भरी है। किसानों ने एसडीएम और सिंचाई विभाग को पत्रक सौंपकर जल्द समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
चकिया तहसील में बिजली संकट पर भाकियू (अ) का प्रदर्शन
लो-वोल्टेज और कटौती से कृषि कार्यों में भारी बाधा
सिंचाई विभाग ने धान सीजन में पर्याप्त पानी का दिया भरोसा
समाधान न होने पर किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
एसडीएम और अधिशासी अभियंता को सौंपा गया 10 सूत्रीय मांग पत्र
चंदौली जनपद के चकिया क्षेत्र में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अ) ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को संगठन के पदाधिकारियों ने ग्रामीण इलाकों में अनियमित बिजली आपूर्ति, लो-वोल्टेज और सिंचाई के संकट को लेकर उप जिलाधिकारी (SDM) विनय कुमार मिश्रा तथा सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी बुनियादी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
लो-वोल्टेज और कटौती से किसान बेहाल
तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र पाल के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मुख्य रूप से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। संगठन का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में घोषित कटौती के अलावा घंटों बिजली गायब रहती है। जो बिजली मिल भी रही है, उसका वोल्टेज इतना कम है कि ट्यूबवेल और कृषि उपकरण नहीं चल पा रहे हैं। धान व अन्य फसलों की सिंचाई के पीक सीजन में बिजली न मिलने से फसलें सूखने के कगार पर हैं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
सिंचाई विभाग का आश्वासन और किसानों की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने किसान नेताओं की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संगठन को आश्वस्त किया कि धान के मौजूदा सीजन में नहरों के माध्यम से खेतों तक पर्याप्त पानी पहुँचाया जाएगा और तकनीकी खामियों को जल्द दूर किया जाएगा। हालांकि, भारतीय किसान यूनियन ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। यदि समय रहते खेतों की सिंचाई के लिए पानी और निर्बाध बिजली उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संगठन जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू करेगा।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
पूर्व विधायक जिेंद्र एडवोकेट और संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण आम उपभोक्ताओं और अन्नदाताओं को अनावश्यक मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। किसानों ने मांग की कि रोस्टर के अनुसार ग्रामीण फीडरों को निर्बाध बिजली दी जाए ताकि कृषि कार्य सुचारू रूप से चल सकें।
प्रदर्शन में ये लोग रहे शामिल
इस अवसर पर मुख्य रूप से टोनी खरवार, गुड़िया यादव, सिंचाई विभाग के एसडीओ, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि दशरथ सोनकर, देश राज, सुधाकर कुशवाहा, वरुण दुबे, सुदामा यादव, सोहन और जुबैर अहमद सहित संगठन के दर्जनों पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ज्ञापन सौंपने के बाद किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।