मुसाखाड़ बांध के समीप का पुल क्षतिग्रस्त, जान जोखिम में डालकर गुजर रहे ग्रामीण
भारी बारिश और बांध से छोड़े गए पानी ने तोड़ा पुल का दम
तेज बहाव में बह गई रेलिंग, उखड़ी सीमेंट की परतें
मुसाखाड़, मलहर, मुबारकपुर समेत कई गांव प्रभावित
ग्रामीण और वाहन चालक रोज ले रहे जान का जोखिम
चंदौली जिला के चकिया तहसील क्षेत्र में पिछले दिनों भारी बारिश के चलते मुसाखांड़ बांध के समीप बना पुल पानी के बहांव के चलते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जिस पर से आवागमन करना खतरे से खाली नहीं है। बावजूद पुल से पानी हटते ही लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन करने करने लगे हैं।
बताते चलें कि पिछले दिनों भारी बारिश के चलते नगवां तथा चंद्रप्रभा बांध द्वारा मुसाखाड़ बांध में पानी छोड़ जाने के बाद बांध ओवरफ्लो होने लगा था। बांध की सुरक्षा को देखते हुए उसके दस में आठ फाटक को खोलना पड़ा था। पानी के तेज बहांव के कारण फाटक के कुछ दूरी पर बना पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के दोनों तरफ बनी रेलिंग भी आधा अधूरा पानी के बहाव में बह गयी। वही पुल के ऊपर की सीमेंट की परतें बुरी तरह उखड़ गई है, जिससे पुल की स्थिति बेहद जर्जर हो गयी है।
उक्त पुल शहाबगंज विकासखंड मुख्यालय तथा तहसील मुख्यालय को जोड़ती है। जिससे वनांचल क्षेत्र के मुसाखांड, मलहर, मुबारकपुर सहित कई गांवों के लोगों का आवागमन बराबर होता रहता है। तथा छोटी बड़ी वाहनों का दिन भर आना जाना लगा रहता है। बांध पर पिकनिक मनाने वाले सैलानियों की भी भारी भीड़ इकट्ठा होती है।
वहीं बारिश के रुकने पर मंगलवार को बांध के फाटक बंद होते ही पुल से पानी पूरी तरह से हट गया है। लेकिन किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था न रहने के कारण क्षतिग्रस्त हो गए चुके पुल से जान जोखिम में डालकर लोग यात्रा करने लगे हैं। जो खतरे से खाली नहीं है। क्षेत्र के संभ्रांत लोगों ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पुल के मरम्मत न होने तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का मांग किया है।