बुद्ध पूर्णिमा 2026: चकिया के बौद्ध स्थलों पर उमड़ा जनसैलाब, 'बुद्धं शरणं गच्छामि' के जयघोष से गूंजी पहाड़ियाँ
चंदौली के चकिया स्थित घुरहूपुर और सैदूपुर में बुद्ध पूर्णिमा का पर्व भक्तिमय माहौल में मनाया गया। विधायक कैलाश आचार्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जहाँ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विशेष प्रदर्शनी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
विधायक कैलाश आचार्य द्वारा दीप प्रज्ज्वलन
घुरहूपुर की पहाड़ियों पर दीपदान उत्सव
पुरातत्व विभाग की विशेष चित्र प्रदर्शनी
उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रद्धालु पहुंचे
बुद्ध विहार में खीर प्रसाद वितरण
चंदौली जिले के चकिया तहसील अंतर्गत ऐतिहासिक बौद्ध स्थल घुरहूपुर और सैदूपुर स्थित बुद्ध विहार महामाया सरोवर सेवा संस्थान में बुद्ध पूर्णिमा का पर्व अत्यंत गरिमा और उल्लास के साथ मनाया गया। सैदूपुर में आयोजित कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक कैलाश आचार्य ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीप जलते ही समूचा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया और वातावरण 'बुद्धं शरणं गच्छामि' के मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा।
बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने तथागत बुद्ध के जीवन दर्शन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। विधायक कैलाश आचार्य सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि आज के हिंसाग्रस्त युग में भगवान बुद्ध के करुणा, अहिंसा और सत्य के सिद्धांत पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर बच्चों और युवाओं ने भगवान बुद्ध के जीवन प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटक प्रस्तुत किए, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मंदिर परिसर में देर रात तक उत्सव का माहौल बना रहा।
पुरातत्व विभाग की विशेष प्रदर्शनी
आयोजन का एक मुख्य आकर्षण क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई वाराणसी के डॉ. रामनरेश पाल और उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग लखनऊ की निदेशक रेनू द्विवेदी द्वारा लगाई गई विशेष प्रदर्शनी रही। इस प्रदर्शनी में बुद्ध के जीवन, उनके महान उपदेशों और भारत के विभिन्न ऐतिहासिक बौद्ध स्थलों से संबंधित दुर्लभ चित्रों को प्रदर्शित किया गया। ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी को देखने के लिए स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखा गया।
घुरहूपुर की पहाड़ियों पर दीपदान का अद्भुत दृश्य
वहीं दूसरी ओर, घुरहूपुर स्थित बौद्ध पर्यटन स्थल की पहाड़ियों पर भी बुद्ध पूर्णिमा धूमधाम से मनाई गई। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा प्राचीन गुफाओं में स्थापित बुद्ध प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा की गई। शाम ढलते ही पूरी पहाड़ी हजारों दीपों और मोमबत्तियों की रोशनी से जगमगा उठी, जिससे एक अलौकिक दृश्य उत्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने पंचशील और त्रिशरण का पाठ किया, जिसके बाद सभी में खीर प्रसाद का वितरण किया गया।
विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु
इस भव्य आयोजन में चंदौली के अलावा उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों और पड़ोसी राज्य बिहार (कैमूर) से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आनंद राजभर, दीपक कुमार चांद, रेनू, मुन्ना चौहान, झारखंडे, वशिष्ठ मौर्य और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में शांति, सौहार्द और भक्ति का वातावरण व्याप्त रहा।