बुद्ध विहार में पहली बार हुआ बौद्ध रीति-रिवाज से विवाह, शिवदास और परम ज्योति ने रचाई शादी
चंदौली के सैदूपुर स्थित बुद्ध विहार महामाया सरोवर में पहली बार बौद्ध रीति-रिवाज से एक अनोखा विवाह संपन्न हुआ। शिवदास और परम ज्योति ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नई शुरुआत की।
बुद्ध विहार में बौद्ध रीति से विवाह
शिवदास और परम ज्योति की अनोखी शादी
सैदूपुर महामाया सरोवर में भव्य आयोजन
समाज में प्रेम और समानता का संदेश
बौद्ध भिक्षुओं ने नवदंपति को दिया आशीर्वाद
चंदौली जिले से एक बेहद खूबसूरत और खास खबर सामने आई है। चकिया तहसील के सैदूपुर स्थित 'बुद्ध विहार महामाया सरोवर सेवा संस्थान' के परिसर में पहली बार बौद्ध रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ शादी का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर शिवदास पुत्र रामाश्रय और परम ज्योति पुत्री राजेंद्र राम बौद्ध परंपराओं के अनुसार एक-दूसरे के साथ परिणय सूत्र में बंध गए।
शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ विवाह
पूरे विवाह समारोह के दौरान बुद्ध विहार परिसर में बहुत ही शांतिपूर्ण और खुशनुमा माहौल देखने को मिला। पारंपरिक आडंबरों से दूर, बेहद सादगी के साथ यह शादी संपन्न कराई गई। कार्यक्रम में पहुंचे तमाम रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने नवदंपति को फूल और शुभकामनाएं देकर उनके सुखी और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की।
भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने का संदेश
इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष बलवंत कुमार मौर्य और बौद्ध भिक्षु बुद्ध प्रताप मौर्य ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में प्रेम, करुणा, समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत किया जा सकता है। विवाह दो दिलों को आपसी विश्वास, सहयोग और जिम्मेदारी के धागे में बांधने वाला एक पवित्र संस्कार है।
सामाजिक कुरीतियों को दूर करने की पहल
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएं इंसान को सही राह दिखाती हैं। उनके विचारों को जीवन में उतारकर समाज से भेदभाव, ऊंच-नीच और कुरीतियों को खत्म किया जा सकता है। बुद्ध विहार में इस तरह के आयोजनों से आम लोगों को बौद्ध संस्कृति, परंपराओं और बुद्ध के विचारों को करीब से जानने का मौका मिलेगा।
समारोह में ये लोग रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक और सुखद पल के साक्षी बनने के लिए कई गणमान्य लोग और ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से लालजी मौर्य, शकुंतला देवी, दूधनाथ पाल, अजय कुमार, रामजन्म, किरण, आजाद, हरिराम, प्रमोद, सरोज कुमार, प्रहलाद राम और प्रेमलता देवी सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।