विजयदशमी पर निकली भव्य बौद्ध धम्म दिवस यात्रा, सम्राट अशोक और भगवान बुद्ध के जयकारों से गूंजा चकिया
विजयदशमी पर चकिया विधानसभा क्षेत्र में बौद्ध धम्म दिवस यात्रा निकाली गई। भीषमपुर से शुरू हुई यात्रा का जगह-जगह स्वागत हुआ, जिसमें सम्राट अशोक के आदर्शों का प्रचार किया गया।
विजयदशमी पर बौद्ध धम्म यात्रा
सम्राट अशोक के जयकारों से गूंज
भीषमपुर से सोनहुल तक यात्रा
सैदूपुर में भव्य स्वागत सत्कार
भगवान बुद्ध के संदेशों का प्रचार
चंदौली जिले के चकिया विधानसभा क्षेत्र में विजयदशमी के पावन पर्व पर एक भव्य बौद्ध धम्म दिवस यात्रा निकाली गई। यह यात्रा क्षेत्र के भीषमपुर गांव से शुरू हुई। यात्रा के दौरान पूरे रास्ते सम्राट अशोक और भगवान बुद्ध के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। रथ पर सम्राट अशोक का बड़ा सा बैनर लगाए बौद्ध भिक्षुओं ने इस यात्रा की अगुवाई की, जिनके पीछे मोटरसाइकिलों पर सवार लोगों का लंबा और अनुशासित काफिला चल रहा था।
कई गांवों और कस्बों से गुजरी धम्म यात्रा
भीषमपुर से शुरू हुई यह धम्म यात्रा चकिया के काली जी पोखरे तक पहुँची। इसके बाद यह सैदूपुर होते हुए इलिया कस्बे में पहुँची और फिर शहाबगंज से होते हुए चकिया के ही सोनहुल गांव में जाकर संपन्न हुई। यात्रा के पूरे मार्ग में जगह-जगह लोगों ने इसका उत्साह के साथ स्वागत किया। रास्ते भर यात्रा में शामिल लोग सम्राट अशोक और भगवान बुद्ध के नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में एक धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिला।
सम्राट अशोक के ऐतिहासिक योगदान को किया गया याद
इस विशेष धम्म यात्रा के माध्यम से सम्राट अशोक के ऐतिहासिक योगदान और भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, अहिंसा एवं मानवता के संदेशों को गहराई से याद किया गया। सम्राट अशोक प्राचीन भारत के सबसे प्रतापी और महान शासकों में गिने जाते हैं। मौर्य वंश के इस महान सम्राट ने कलिंग युद्ध के बाद हुए भारी रक्तपात से आहत होकर हिंसा का रास्ता हमेशा के लिए छोड़ दिया था और धम्म, नैतिकता तथा लोक-कल्याण को अपने शासन का मुख्य आधार बनाया था।
बुद्ध की शिक्षाओं और सहिष्णुता का संदेश
सम्राट अशोक ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए अहिंसा, आपसी सहिष्णुता, सभी धर्मों के प्रति सम्मान और प्रजा की भलाई पर विशेष बल दिया था। उन्होंने अपने कल्याणकारी संदेशों को प्राचीन शिलालेखों और स्तंभलेखों के जरिए जन-जन तक पहुँचाया था। विजयदशमी के अवसर पर निकाली गई इस धम्म यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन्हीं ऐतिहासिक आदर्शों, बौद्ध विचारधारा और समाज में भाईचारे व समरसता के संदेश को आगे बढ़ाना था।
सैदूपुर में हुआ भव्य स्वागत और गणमान्य लोगों की मौजूदगी
यात्रा के सैदूपुर पहुँचने पर बुद्ध विहार महामाया सरोवर सेवा संस्थान के सदस्यों ने इसका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर धम्म गुरु बुद्ध प्रताप मौर्य, लालजी, बलवंत मौर्य, नंदलाल शास्त्री, संदीप मौर्य, श्रीकांत कुशवाहा, रामऔतार मौर्य, जयप्रकाश एडवोकेट, रामनिवास मौर्य, अजय, रमेश कुमार सिंह, संतोष सिंह, वासुदेव, नंदलाल और अरविंद मौर्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस सफल आयोजन से क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा।