चट्टी-चौराहों पर लगे सी CCTV कैमरे बने शोपीस, चोरी की घटनाओं पर रोक नहीं

क्षेत्रीय व्यवसायियों और आमजन ने प्रशासन से मांग की है कि इन सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत कराई जाए और उन्हें सक्रिय किया जाए, ताकि चोरी और अन्य अपराधों पर नियंत्रण रखा जा सके।
 

शहाबगंज में अपराध नियंत्रण के लिए लगाए गए CCTV कैमरे बने शोपीस

पूर्व थाना प्रभारी की पहल पर हुई थी स्थापना

देखरेख न होने से कैमरे अब केवल शोपीस बने हुए

रिज़ार्ज खत्म होने के कारण कई कैमरे पूरी तरह बंद

चंदौली जिले के शहाबगंज क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से चट्टी-चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। पूर्व थाना प्रभारी की पहल पर बाजार, मुख्य सड़कों और चौराहों पर लगाए गए इन कैमरों का मकसद था कि क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और अपराधों पर नियंत्रण रखा जा सके। शुरुआत में कुछ मामलों में इन कैमरों ने पुलिस को अहम सुराग भी दिए, लेकिन अब देखरेख न होने के कारण ये पूरी तरह से बंद पड़े हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि कैमरे लगाए तो गए, लेकिन उनकी नियमित जांच नहीं की जाती और कोई तकनीकी स्टाफ इन्हें संभालने के लिए तैनात नहीं है। कई जगहों पर कैमरों के लेंस टूटे हुए हैं, कहीं वायरिंग उखड़ गई है और कुछ स्थानों पर कैमरे तो हैं लेकिन उनका रिज़ार्ज खत्म हो गया है। इन सभी कारणों से कैमरे अब पूरी तरह से निष्क्रिय हैं और अपराधियों पर कोई भय पैदा नहीं कर पा रहे हैं।

क्षेत्रीय व्यवसायियों और आमजन ने प्रशासन से मांग की है कि इन सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत कराई जाए और उन्हें सक्रिय किया जाए, ताकि चोरी और अन्य अपराधों पर नियंत्रण रखा जा सके। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कैमरों को दुरुस्त नहीं किया गया तो अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना तय है।

स्थानीय नागरिकों ने वर्तमान थाना प्रभारी से अपेक्षा जताई है कि वे इस ओर तुरंत ध्यान दें और कैमरों को दोबारा सक्रिय कराएं, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे और किसी भी घटना के बाद फुटेज के जरिए त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।