चकिया में आयुष्मान अभियान: 70+ बुजुर्गों के लिए बिछा कार्डों का जाल, अब तक 3298 ने पाया 5 लाख की मुफ्त इलाज की गारंटी
चकिया तहसील में 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने का विशेष अभियान जोरों पर है। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 3298 पात्रों का कार्ड बना लिया है, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए विशेष योजना
चकिया के 4694 बुजुर्ग आयुष्मान सूची में शामिल
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कार्ड बनाने की सुविधा
अब तक 3298 पात्रों का बना कार्ड
जनवरी अंत तक चलेगा विशेष पंजीकरण अभियान
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार चंदौली जनपद की चकिया तहसील में 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने का महाअभियान चलाया जा रहा है। शासन की इस प्राथमिकता वाली योजना के तहत क्षेत्र के कुल 4694 नए बुजुर्गों को सूचीबद्ध किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जीवन के इस पड़ाव पर किसी भी वृद्ध को इलाज के लिए आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर और जिला संयुक्त चिकित्सालय में विशेष केंद्र बनाकर दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
लक्ष्य के करीब स्वास्थ्य विभाग: आंकड़ों की जुबानी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विकास सिंहा ने बताया कि विभाग को कुल 4644 पात्रों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके सापेक्ष अब तक 3298 लोगों का आयुष्मान कार्ड सफलतापूर्वक बना लिया गया है। अभियान के दौरान कुछ तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आई हैं। सर्वे के दौरान 162 लोग मृत पाए गए, जबकि 331 लोगों के डेटा में विसंगति (मिसमैच) मिली। इसके अलावा 228 बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे हैं और 128 लोग क्षेत्र से बाहर हैं। शेष बचे 437 पात्रों को जल्द से जल्द योजना से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
गांव-गांव पहुँच रही स्वास्थ्य विभाग की टीमें
यह अभियान दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था जो जनवरी के अंत तक निरंतर चलेगा। आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सीएचओ (CHO) और एएनएम (ANM) को सौंपी गई है। तहसील के विभिन्न गांवों जैसे पुरानी चकिया, पचवनिया, वियासड, उतरौत, हाजीपुर, भीषमपुर, सिकंदरपुर, नेवाजगंज, शिकारगंज, बलिया कला, जीयनपुरा, पिपरिया, पर्वतपुर, रामपुर कला, मवैया और बिठवल कला सहित दर्जनों क्षेत्रों में घर-घर जाकर और केंद्रों के माध्यम से सूची के अनुसार सत्यापन किया जा रहा है।
नि:शुल्क इलाज का मिलेगा बड़ा लाभ
डॉ. विकास सिंहा ने बताया कि इस कार्ड के बनने के बाद बुजुर्गों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी, जो किसी भी सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पताल में मान्य होगी। उन्होंने अपील की है कि जिन बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे हैं, उनके लिए अन्य वैकल्पिक माध्यमों से सत्यापन की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक कोई भी पात्र बुजुर्ग इस जीवनदायिनी योजना से वंचित न रहे।