चकिया ब्लॉक में शिक्षा व्यवस्था को नई रफ्तार: 13 नव नियुक्त नोडल शिक्षकों ने संभाला कार्यभार, डीसीएफ भरा
चंदौली के चकिया विकासखंड में मासिक शिक्षक संकुल बैठक आयोजित हुई, जिसमें 13 नव नियुक्त नोडल शिक्षकों ने पदभार संभाला। इस दौरान 'कैच-अप शिक्षण' और 10 प्रमुख शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं के प्रभावी संचालन पर विशेष चर्चा की गई।
चकिया ब्लॉक में नोडल शिक्षकों का प्रभार
65 शिक्षक संकुलों में 13 नोडल नियुक्त
कैच-अप शिक्षण कार्यक्रम पर जोर
विद्यालयों में पठन संस्कृति का विकास
शिक्षक संकुल बैठक में भरा डीसीएफ
चंदौली जिले के चकिया विकासखंड में हर महीने के तीसरे मंगलवार को होने वाली नियमानुसार शिक्षक संकुल बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इसमें नव नियुक्त शिक्षक संकुल नोडल शिक्षकों ने औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण किया और नई जिम्मेदारियों को संभालते हुए डीसीएफ (DCF) भी भरा।
13 नोडल शिक्षकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
विकासखंड के कुल 65 शिक्षक संकुलों में से 13 नोडल शिक्षकों की तैनाती की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी के आधिकारिक आदेश के तहत गढ़वा से बाबूलाल, मुड़हुआ दक्षिणी से अनिल प्रताप यादव, रामपुर कला से अशोक प्रजापति, शिकारगंज से जय सिंह पाल और भभौरा से ओमप्रकाश दुबे को नोडल बनाया गया है। इसके अलावा अमरा उत्तरी से दीपक गुप्ता, भटवारा खुर्द से रणजीत सिंह, सिकंदरपुर से राधेश्याम सोनकर, गायघाट से राजदेव, उतरौत से विपिन सिंह, खरीद से माया प्रसाद गौड़, अंबर से प्रदीप कनौजिया और मवैया से मुकेश कुमार को भी यह जिम्मेदारी दी गई है।
शिक्षा सुधार के 3 मुख्य बिंदुओं पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान महानिदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा जारी मासिक एजेंडे पर बहुत ही बारीकी से बात की गई। इस दौरान तीन मुख्य मुद्दों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया। पहला, स्कूलों में 10 प्रमुख शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन कराया जाए। दूसरा, बच्चों की पढ़ाई के स्तर को बेहतर बनाने के लिए 'कैच-अप शिक्षण कार्यक्रम' को तेजी से चलाया जाए। तीसरा, छोटे बच्चों के भीतर किताबें पढ़ने की आदत यानी पठन संस्कृति को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए।
'शिक्षक संकुल बैठकें अनुभव बांटने का बेहतर माध्यम'
भटवारा खुर्द संकुल की बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष और वरिष्ठ शिक्षक नेता अजय गुप्ता ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षक संकुल बैठकें स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सुधारने का बहुत ही सशक्त माध्यम हैं। इन बैठकों के जरिए जब अलग-अलग स्कूलों के शिक्षक आपस में मिलते हैं, तो वे अपने अनुभवों को साझा करते हैं। इससे बच्चों के सीखने की क्षमता में बढ़ोतरी होगी और उन्हें कठिन विषय भी आसानी से समझ में आएंगे।
बैठक में भारी संख्या में मौजूद रहे शिक्षक
मासिक बैठक में ब्लॉक के दर्जनों शिक्षकों ने हिस्सा लिया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपने सुझाव भी दिए। इस अवसर पर मुख्य रूप से जे.पी. पटेल, राजेश पटेल, चंद्रकिरण, रजनी जायसवाल, शालू कटियार, धीरेंद्र कुमार, सुनील पटेल, श्याम बिहारी सिंह, परवेज अंसारी, प्रदीप जैसल, संजीव तिवारी, धनंजय सिंह, विनय सिंह, अनुपमा सिंह, जितेंद्र राम और राकेश मिश्रा समेत कई शिक्षक संकुलों के अध्यापक उपस्थित रहे।