मुरारपुर भारत पेट्रोलियम पंप पर 'पिक एंड चूज' का खेल! आम आदमी को नियम का हवाला, खास को आसानी से बोतल में मिल रहा पेट्रोल।
चंदौली जिले के चकिया स्थित मुरारपुर भारत पेट्रोलियम पंप पर बोतल में पेट्रोल न देने और ग्राहकों से अभद्रता करने का मामला तूल पकड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने कर्मचारियों पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
चकिया के मुरारपुर स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप का मामला
बीच रास्ते बाइक बंद होने पर पीड़ित अशोक गुप्ता को नहीं दिया पेट्रोल
पंप कर्मचारियों पर नियम की आड़ में पक्षपात और अवैध वसूली का आरोप
चुनिंदा लोगों को आसानी से बोतल में पेट्रोल देने की शिकायत
आक्रोशित लोगों ने दी विभागीय जांच और बड़े आंदोलन की चेतावनी
चंदौली जनपद के चकिया क्षेत्र स्थित मुरारपुर भारत पेट्रोलियम का पेट्रोल पंप एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर विवादों के घेरे में आ गया है। पंप पर बोतल में पेट्रोल देने को लेकर कर्मचारियों द्वारा की जा रही मनमानी और भेदभावपूर्ण रवैये से स्थानीय उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों का सीधा आरोप है कि सुरक्षा नियमों की आड़ में यहां खुलेआम पक्षपात किया जा रहा है।
बीच रास्ते बंद हुई बाइक, पेट्रोल मांगने पर मिली 'अभद्रता'
सोमवार को इस मनमानी और बदसलूकी का शिकार चकिया नगर निवासी अशोक गुप्ता को होना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अशोक की मोटरसाइकिल रास्ते में अचानक पेट्रोल खत्म होने के कारण बंद हो गई थी। मजबूरी में वे किसी तरह नजदीकी मुरारपुर पेट्रोल पंप पर बोतल में पेट्रोल लेने पहुंचे। आरोप है कि पंप पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें पेट्रोल देने से साफ इंकार कर दिया। जब अशोक ने अपनी परेशानी बताई और कई बार अनुरोध किया, तो कर्मचारियों ने उनकी एक न सुनी और उनके साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। अंततः उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
'खास' लोगों पर मेहरबान, आम जनता परेशान
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेट्रोल पंप पर यह कोई पहली घटना नहीं है। सुरक्षा कारणों से प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल न देना एक सरकारी नियम है, लेकिन पंप के कर्मचारी इस नियम का पालन केवल आम और लाचार ग्राहकों पर करते हैं। लोगों की शिकायत है कि पंप पर कुछ चुनिंदा और 'खास' लोगों को बड़ी आसानी से बोतल में पेट्रोल दे दिया जाता है, जबकि अन्य ग्राहकों को या तो टरका दिया जाता है या उनसे अतिरिक्त पैसे की मांग की जाती है।
लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी, जांच की मांग
उपभोक्ताओं का साफ कहना है कि यदि सुरक्षा कारणों से बोतल में पेट्रोल देने पर रोक है, तो यह नियम सभी पर एक समान रूप से लागू होना चाहिए। परेशानी के समय ग्राहकों के साथ बदसलूकी करना पूरी तरह से गलत है। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है। लोगों ने जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) और स्थानीय प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मनमानी करने वाले कर्मचारियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।