चकिया विधायक कैलाश आचार्य ने फाइल एरिया उन्मूलन कार्यक्रम का किया शुरुआत

एसीएमओ डॉ. पी.पी. उपाध्याय ने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मादा मच्छर के काटने से फैलता है और इसके परजीवी रात में सक्रिय होते हैं, इसलिए जांच भी रात्रि में होती है।
 

भाजपा जिला अध्यक्ष काशीनाथ रहे मौजूद

कार्यक्रम का चकिया विधायक ने किया शुभारंभ

2027 तक जनपद के बनाना है फाइलेरिया मुक्त

चंदौली जिले के चकिया में  जनपद के तीन प्लानिंग यूनिट चकिया, सकलडीहा और अर्बन क्षेत्र डीडीयू नगर में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत विधायक कैलाश आचार्य ने जूनियर हाई स्कूल चकिया से की। 

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. युगल किशोर राय ने पुष्पगुच्छ देकर विधायक का स्वागत किया। विधायक ने स्वयं दवा खाकर ‘आईडीए’ (आइवर्मेक्टिन, डीईसी व एल्बेण्डाज़ोल) अभियान का शुभारंभ किया और लोगों को 2027 तक फाइलेरिया मुक्त जनपद बनाने की शपथ दिलाई। बच्चों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया और एनसीसी, स्काउट-गाइड छात्रों ने उपस्थित अधिकारियों को दवा खिलाई।

डॉ. राय ने बताया कि 28 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में 6,82,324 लोगों को स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर अपने सामने दवा खिलाएंगे। यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं दी जाएगी तथा खाली पेट सेवन नहीं करना है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया मच्छर जनित संक्रामक बीमारी है, जिसकी रोकथाम के लिए साफ-सफाई और पानी का जमाव रोकना जरूरी है।

एसीएमओ डॉ. पी.पी. उपाध्याय ने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मादा मच्छर के काटने से फैलता है और इसके परजीवी रात में सक्रिय होते हैं, इसलिए जांच भी रात्रि में होती है। इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, बचाव ही एकमात्र उपाय है। मलेरिया अधिकारी राजीव सिंह ने कहा कि हाथीपांव के लक्षण वर्षों बाद प्रकट होते हैं, जिनमें हाथ-पैर, पुरुषों के अंडकोष और महिलाओं के स्तनों में सूजन आ सकती है।

अभियान के लिए 555 दो-सदस्यीय टीमें और 106 सुपरवाइज़र तैनात किए गए हैं, जो उम्र व ऊंचाई के अनुसार दवा खिलाएंगे। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, डब्ल्यूएचओ से डॉ. मंजीत सिंह चौधरी सहित कई स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।