बिना डॉक्टर के चल रहा था आकांक्षा चाइल्ड केयर,  NICU में नवजात को खतरे में डाल किया जा रहा था इलाज

चंदौली के चकिया में एसडीएम विनय मिश्रा और डिप्टी सीएमओ की संयुक्त छापेमारी में आकांक्षा चाइल्ड केयर सेंटर की पोल खुल गई। यह सेंटर बिना डॉक्टर और बिना विशेषज्ञ निगरानी के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था, जहाँ NICU में भर्ती नवजात बच्चे का इलाज नियमों के खिलाफ हो रहा था। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का अभियान जारी रखने की चेतावनी दी है।
 

SDM और डिप्टी CMO की संयुक्त छापेमारी में खुली पोल


 अवैध पैथोलॉजी सेंटरों पर भी छापेमारी से हड़कंप


 बिना विशेषज्ञ निगरानी के चल रहे थे केयर सेंटर


 एसडीएम चकिया विनय मिश्रा की छापेमारी


चकिया में अवैध था आकांक्षा चाइल्ड केयर सेंटर

चंदौली जिले के चकिया तहसील क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे चिकित्सा संस्थानों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम विनय मिश्रा और डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय सिंह के नेतृत्व में की गई संयुक्त छापेमारी में कई गंभीर लापरवाही और नियमों की खुली अनदेखी सामने आई है। यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवैध चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा थी।

एसडीएम विनय मिश्रा और डिप्टी सीएमओ की संयुक्त छापेमारी

NICU में नवजात की जान से खिलवाड़
छापेमारी के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा आकांक्षा चाइल्ड केयर सेंटर में हुआ। जांच टीम ने पाया कि यह केयर सेंटर योग्य डॉक्टर की अनुपस्थिति में अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। सबसे खतरनाक बात यह थी कि NICU (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) में एक नवजात बच्चे को बिना किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की निगरानी के भर्ती कर उसका उपचार किया जा रहा था। यह न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि बच्चों की जान को गंभीर खतरे में डालने वाला कदम भी है।

अवैध सेंटर को सील करते स्वास्थ्य विभाग के अफसर

इसके अलावा, जांच में यह भी पता चला कि केयर सेंटर ने फर्जी तरीके से पोर्टल पर आवेदन कर मान्यता प्राप्त करने की कोशिश की थी, ताकि अवैध रूप से संस्थान का संचालन जारी रखा जा सके।

अवैध सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
एसडीएम विनय मिश्रा ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे प्रकरण पर सख्त रुख अपनाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध तरीके से चल रहे पैथोलॉजी सेंटर, नर्सिंग होम और केयर सेंटर के खिलाफ यह विशेष अभियान जारी रहेगा। जो भी संस्थान निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं, उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अवैध सेंटर पैथलॉजी सेंटर की जांच करते अफसर

छापेमारी की सूचना मिलते ही चकिया कस्बे में संचालित अन्य संदिग्ध पैथोलॉजी और क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया और कई संचालक अपने सेंटरों को बंद करके भागते नजर आए। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षित और मानक के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।