आप अपने गांव में करिए चेक : मिड डे मील में सोमवार को फल और बुधवार को दूध मिलता है या नहीं

मध्याह्न भोजन की निगरानी के लिए गठित ‘माता समूह’ पूरी तरह निष्क्रिय है। 6 सदस्यीय इस समूह की एक भी माता विद्यालय में निरीक्षण के लिए नहीं आती।
 

मिड-डे मील योजना कागजों तक सीमित

फल और दूध का वितरण नहीं

बच्चों को किया जा रहा वंचित

नसरथा और फिरोजपुर विद्यालयों की हालत सबसे खराब

अभिभावकों ने जताया आक्रोश

बच्चों की सेहत से खिलवाड़

चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र के अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना का क्रियान्वयन कागजों पर सिमट कर रह गया है। शासन द्वारा तय मानकों के अनुसार छात्रों को सोमवार को फल और बुधवार को दूध दिए जाने का निर्देश है, लेकिन व्यवहारिक रूप से यह वितरण विद्यालयों में नहीं हो रहा है। अधिकांश प्रधान और शिक्षक इस मामले में एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते दिख रहे हैं।

मानक के विरुद्ध चल रही योजना

मध्याह्न भोजन योजना के तहत प्राइमरी स्कूल के छात्रों को 150 मि.ली. दूध और पूर्व माध्यमिक छात्रों को 200 मि.ली. दूध दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए 6.19 रुपये (प्राथमिक) और 9.29 रुपये (पूर्व माध्यमिक) प्रतिदिन कन्वर्जन कास्ट के रूप में आवंटित होता है। लेकिन अभिभावकों और छात्रों की मानें तो यह राशि उनके पोषण तक नहीं पहुँच रही।

फर्जीवाड़ा और लापरवाही

अभिभावकों का कहना है कि नसरथा प्राथमिक विद्यालय और फिरोजपुर कंपोजिट विद्यालय सहित क्षेत्र के 10 से अधिक विद्यालयों में नियमित रूप से फल और दूध का वितरण नहीं किया जा रहा। कुछ जगहों पर दूध में पानी मिलाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। पूछने पर शिक्षक कहते हैं – “प्रधान नहीं भिजवाते तो हम क्या करें?”

निष्क्रिय है माता समूह

मध्याह्न भोजन की निगरानी के लिए गठित ‘माता समूह’ पूरी तरह निष्क्रिय है। 6 सदस्यीय इस समूह की एक भी माता विद्यालय में निरीक्षण के लिए नहीं आती। योजना की निगरानी सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।

अभिभावकों में आक्रोश, बच्चों की सेहत पर खतरा

इस लापरवाही से बच्चों को पोषण नहीं मिल पा रहा, जिससे उनके स्वास्थ्य और शैक्षणिक विकास पर असर पड़ रहा है। अभिभावकों में इसको लेकर गहरा रोष है। उनका कहना है कि सरकार की मंशा पर जिम्मेदार पानी फेर रहे हैं, और बजट की बंदरबांट हो रही है।

खंड शिक्षा अधिकारी का बयान: 
खंड शिक्षा अधिकारी  राम टहल ने बताया कि मिड-डे मील योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही की शिकायतें मिली हैं। नसरथा व फिरोजपुर सहित कई विद्यालयों की जांच कराई जाएगी। दूध और फल वितरण में गड़बड़ी पाई गई तो कड़ी कार्रवाई होगी।