ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाया दमखम, कुश्ती, जूडो और शतरंज में बच्चों का जलवा

 

चकिया ब्लॉक संसाधन केंद्र में सोमवार को आयोजित बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों ने कुश्ती, जूडो और शतरंज में अपना जलवा दिखाया। खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया।

 
 

चकिया में ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता

कुश्ती, जूडो और शतरंज में दिखाया दम

विजेता छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

परिषदीय विद्यालयों के बच्चों का शानदार प्रदर्शन

खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल ने बढ़ाया उत्साह

चंदौली जिले के चकिया स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) परिसर में सोमवार को ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस खेल स्पर्धा में विकासखंड के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों से आए नन्हें छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया।

कुश्ती, जूडो और शतरंज में छाए परिषदीय विद्यालयों के छात्र
प्रतियोगिता के दौरान कुश्ती के बालक वर्ग (30-35 किग्रा) में कंपोजिट विद्यालय पचवनिया के गणेश ने दूसरा, (40-45 किग्रा) में बलिया कला के प्रिंस ने पहला और (45-50 किग्रा) में धरदे के सागर ने तीसरा स्थान हासिल किया। बालिका कुश्ती में सपना (25-30 किग्रा) प्रथम तथा आयुषी (30-35 किग्रा) द्वितीय रहीं। जूडो बालिका वर्ग में पचवनिया की सपना ने प्रथम, आकांक्षा ने द्वितीय और बलिया कला की खुशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। शतरंज के बालक वर्ग में यूपीएस चकिया के अमरीश विजेता और ददरा के सुंदर उपविजेता रहे, जबकि बालिका वर्ग में यूपीएस चकिया की अदिति ने खिताब अपने नाम किया।

खेलों से बढ़ता है बच्चों का आत्मविश्वास और अनुशासन: बीईओ
कार्यक्रम के समापन पर खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल ने सभी विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेलकूद से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है, जिससे उनमें अनुशासन और प्रतिस्पर्धा की भावना पनपती है। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने भी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर ब्लॉक व्यायाम शिक्षक मनोज पांडेय, बाबूलाल, माया गोंड, अनिल प्रताप यादव और जय सिंह पाल समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।