चकिया के मलहर गांव में किसान सभा की पंचायत, बोले- बिना कानून पालन के उजाड़े जा रहे घर, फसलें बर्बाद कर जेल भेज रहा वन विभाग
चंदौली के चकिया में बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ किसानों ने पंचायत की। किसान सभा के नेतृत्व में मलहर गांव में हुई पंचायत में वन अधिकार कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया और 2 अक्टूबर से चकिया में अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया।
चकिया के मलहर गांव में किसान पंचायत
बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ जताई नाराजगी
वन अधिकार कानून उल्लंघन का आरोप
2 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान
अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में हुई पंचायत
चंदौली जिले के चकिया तहसील क्षेत्र में सरकार की बुलडोजर नीति और वन अधिकार कानून के कथित उल्लंघन के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार को अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में वनांचल क्षेत्र के मलहर गांव में किसान पंचायत आयोजित हुई।
पंचायत में बड़ी संख्या में किसान जुटे और वन क्षेत्र में रह रहे गरीब, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों के खिलाफ वन विभाग व प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
वन विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
पंचायत को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वन अधिकार कानून का पालन किए बिना ही किसानों की फसलें बर्बाद की जा रही हैं। कई स्थानों पर बुलडोजर चलाकर गरीबों के घरों को तोड़ा जा रहा है।
इतना ही नहीं, किसानों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। किसानों का कहना था कि लंबे समय से वन क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों के पास जमीन के कागजात उपलब्ध नहीं हैं। इसी का फायदा उठाकर उन्हें लगातार कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
वन अधिकार कानून का नहीं हो रहा पालन
किसानों ने कहा कि वन अधिकार कानून के तहत पात्र वनवासियों को उनके कब्जे वाली जमीन पर अधिकार दिए जाने का प्रावधान है। कानून साफ कहता है कि जो लोग पीढ़ियों से वन क्षेत्र में रह रहे हैं, उन्हें जमीन का अधिकार दिया जाए।
इसके बावजूद कानून के प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। इसी वजह से वनांचल क्षेत्र के किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। किसान कई सालों से अपनी जमीन के पट्टे की मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी
पंचायत में किसानों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन और वन विभाग द्वारा वन अधिकार कानून का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि चंदौली जिले में वन अधिकार कानून के पालन और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर दो अक्टूबर से चकिया में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वे गांधी जयंती के दिन से चकिया तहसील मुख्यालय पर धरने पर बैठेंगे।
कई किसान नेताओं ने किया संबोधित
इस किसान पंचायत को शंभूनाथ सिंह, परमानंद मौर्य, महानंद राजभर, राजेंद्र सिंह, लालमणि विश्वकर्मा, बदरू दूजा अंसारी, नरेश आदिवासी, मुरारी बनवासी, राजकुमार, जगदीश और बलिराम आदि ने संबोधित किया।
सभी ने एकजुट होकर वन विभाग की कार्रवाई के खिलाफ लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। पंचायत में बड़ी संख्या में आदिवासी और वनांचल क्षेत्र के किसान मौजूद रहे।