जागेश्वर नाथ मंदिर के पास फिर दिखा 12 फुट लंबा मगरमच्छ, कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर डैम में छोड़ा

चंदौली के चकिया में जागेश्वर नाथ मंदिर के समीप चंद्रप्रभा नदी में 12 फुट लंबा मगरमच्छ दिखने से हड़कंप मच गया। वन विभाग की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद विशालकाय मगरमच्छ को जाल में फंसाकर सुरक्षित रेस्क्यू किया और डैम में छोड़ दिया।
 

चंद्रप्रभा नदी में विशाल मगरमच्छ

जागेश्वर नाथ मंदिर के पास दहशत

वन विभाग का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन

मगरमच्छ को चंद्रप्रभा डैम में छोड़ा

ग्रामीणों में घंटों तक रहा डर

 चंदौली जनपद अंतर्गत चकिया कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जागेश्वर नाथ मंदिर के समीप बहने वाली चंद्रप्रभा नदी में एक विशालकाय मगरमच्छ देखा गया। नदी के किनारे मगरमच्छ के विचरण करने की खबर जैसे ही गांव में फैली, स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।

देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मगरमच्छ काफी आक्रामक दिख रहा था और उसकी लंबाई लगभग 10 से 12 फुट के बीच थी।

वन विभाग की टीम का साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही डिप्टी रेंजर आनंद दुबे अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर पहुँच गए। वन विभाग के विशेषज्ञों ने स्थिति का आकलन करने के बाद नदी में जाल बिछाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मगरमच्छ की विशालता और नदी के बहाव को देखते हुए यह कार्य काफी चुनौतीपूर्ण था। लगभग एक घंटे तक चले अथक प्रयास और कड़ी मशक्कत के बाद सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को जाल में फंसा लिया गया। इसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने रस्सी और जाल की मदद से उसे सुरक्षित नदी से बाहर निकाला, जिसे देख ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

जागेश्वर धाम के पास मिला विशाल मगरमच्छ

सुरक्षित चंद्रप्रभा डैम में छोड़ा गया

रेस्क्यू करने के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित वाहन के जरिए चंद्रप्रभा डैम ले जाया गया, जहाँ उसे गहरे पानी में छोड़ दिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अक्सर जलस्तर बढ़ने या अन्य कारणों से वन्य जीव इंसानी बस्तियों के करीब आ जाते हैं। विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे नदी और तराई वाले क्षेत्रों में अकेले जाने से बचें और विशेष सतर्कता बरतें। यदि किसी भी प्रकार के जंगली या खतरनाक जीव का मूवमेंट दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें ताकि समय रहते सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकें।