चकिया की दीरेहू पहाड़ी पर जहर खाने वाले प्रेमी युगल की मौत, परिवार की रजामंदी न मिलने से उठाया आत्मघाती कदम

सुबह टहलने गए लोगों ने प्रेमी युगल को अचेतावस्था में देखा और तुरंत चकिया कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने दोनों को तत्काल जिला संयुक्त अस्पताल चकिया में भर्ती कराया।
 

 परिजनों की नामंजूरी के कारण प्रेमी युगल ने दी जान

इलाज के दौरान प्रेमिका के बाद प्रेमी ने तोड़ा दम

पारिवारिक दबाव ने ले ली दो जानें

चंदौली जिले की चकिया कोतवाली क्षेत्र के दीरेहू पहाड़ी पर गुरुवार की सुबह जहर खाकर अचेत मिले प्रेमी युगल की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने एक ऐसी प्रेम कहानी का अंत कर दिया, जिसे परिवार वालों की रजामंदी नहीं मिल पाई थी। पहले दोपहर में प्रेमिका ने दम तोड़ा, वहीं देर शाम तक प्रेमी ने भी दम तोड़ दिया। इस दुःखद घटना को लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

परिवार की नामंजूरी पर उठाया आत्मघाती कदम
दीरेहू निवासी राज सोनकर का पास के ही वार्ड की एक युवती से प्रेम प्रपंच चल रहा था। हालांकि, दोनों के परिवार वालों को उनका मिलना-जुलना पसंद नहीं था और उन्होंने इस रिश्ते को सामाजिक मान्यता देने से इनकार कर दिया था। पारिवारिक और सामाजिक दबाव के कारण रिश्ते में बढ़ती कड़वाहट से परेशान होकर, दोनों ने गुरुवार को आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया। वे दीरेहू पहाड़ी पर गए और जहरीली दवा (चेहू मारने की दवा) खा ली, जिससे दोनों अचेत हो गए।

इलाज के लिए रेफर, पर जान नहीं बची
सुबह टहलने गए लोगों ने प्रेमी युगल को अचेतावस्था में देखा और तुरंत चकिया कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने दोनों को तत्काल जिला संयुक्त अस्पताल चकिया में भर्ती कराया। जहाँ उनकी हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, दोपहर में युवती की मौत हो गई, और शाम होते-होते युवक राज सोनकर ने भी दम तोड़ दिया।

पूर्व में भी चला था विवाद
यह भी बताया गया है कि राज सोनकर कुछ वर्ष पहले इस युवती को घर से भगाकर ले गया था। उस समय युवती के परिजनों की शिकायत पर राज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और उसे जेल भी जाना पड़ा था। जेल से रिहा होने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा। हालांकि, गुंडा एक्ट के तहत हुई कार्रवाई के बाद जेल से लौटने पर भी सामाजिक और पारिवारिक दबाव उन पर बना रहा, जिसके कारण अंततः दोनों ने जान देने का इतना कठोर फैसला लिया।