चकिया क्षेत्र में  सप्तमी पर मां कालरात्रि की पूजा, चकिया में कैमूर के प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी मंदिर तर्ज पर बना पूजा पंडाल

 

सप्तमी तिथि पर चकिया तहसील क्षेत्र के विभिन्न पूजा पंडालों में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गईं। मुहम्मदाबाद में बना मुंडेश्वरी मंदिर का पंडाल आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।

 
 

चकिया क्षेत्र में मां दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित

सप्तमी पर मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना

मुहम्मदाबाद में मुंडेश्वरी मंदिर का भव्य पंडाल

आकर्षक पूजा पंडालों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

नवरात्र से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल

चंदौली जिले के चकिया तहसील क्षेत्र में शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर शनिवार को भक्ति और उल्लास का अद्भुत माहौल देखने को मिला। चकिया नगर पंचायत समेत पूरे ग्रामीण इलाकों में विभिन्न स्थानों पर वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों के बीच शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गईं। प्रतिमाओं की स्थापना होते ही पूजा पंडालों में विधि-विधान से पूजन-अर्चन की शुरुआत हो गई, जिससे पूरा इलाका मां के जयकारों से गूंज उठा।

मुहम्मदाबाद में बना मां मुंडेश्वरी मंदिर का आकर्षक पंडाल

चकिया नगर के महाराजा किला, लोहटिया मंडी, चौक बाजार, पूर्वी बाजार, सहदुल्लापुर और मुहम्मदाबाद में एक से बढ़कर एक आकर्षक पूजा पंडाल सजाए गए हैं। इनमें सबसे विशेष आकर्षण मुहम्मदाबाद का पूजा पंडाल रहा, जिसे बिहार के कैमूर स्थित प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है। इस भव्य और खूबसूरत पंडाल को देखने के लिए सप्तमी के पहले दिन से ही दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया।

ग्रामीण इलाकों में भी दिखी नवरात्र की धूम

नगर क्षेत्र के साथ-साथ चकिया के ग्रामीण इलाकों में भी नवरात्र की जबरदस्त धूम रही। सिकंदरपुर, शिकारगंज, इलिया कस्बा, सैदूपुर, सरैया, बसाढ़ी बरहुआं, गांधीनगर मगरौर, टेकारी, खखड़ा, बेन, कुशहां और लेहरा खास में भी मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित कर पूजन-अर्चन प्रारंभ किया गया। इसके पूर्व 11 अक्टूबर को बरियारपुर गांव में तीन स्थानों पर और तियरी गांव में प्रतिमाएं स्थापित कर नौ दिवसीय पूजन कार्यक्रम शुरू किया गया था।

मां कालरात्रि की पूजा के लिए मंदिरों में लगी भीड़

सप्तमी तिथि होने के कारण मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना की गई। तड़के से ही क्षेत्र के तमाम देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। भक्तों ने फल, फूल, नारियल और मिष्ठान चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और खुशहाली की मंगल कामना की। शाम ढलते ही रोशनी से जगमगाते पूजा पंडालों में मां के दर्शन और आरती के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें देखी गईं।