चकिया-इलिया मार्ग पर ओवरलोड डंपरों की मनमानी से 10 किलोमीटर सड़क बनी 'डेथ ट्रैप', दोपहिया वाहन चालक लगातार हो रहे दुर्घटना के शिकार

 

चंदौली के चकिया-इलिया मार्ग पर ओवरलोड डंपरों से गिर रही गिट्टियों के कारण लगभग १० किलोमीटर की सड़क जानलेवा बन चुकी है। लगातार फिसल रहे दोपहिया वाहनों से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन से ओवरलोडिंग पर रोक लगाने की मांग की है।

 
 

चकिया इलिया मार्ग पर बिखरी गिट्टियां

ओवरलोड वाहनों से गिर रही गिट्टियां

दोपहिया वाहन चालक हो रहे चोटिल

१० किलोमीटर तक फैला हादसे का खतरा

तिरपाल न लगाने से बढ़ी समस्या

चंदौली जिले के चकिया-इलिया मुख्य मार्ग पर इन दिनों सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। मालदह पुल से लेकर बेन पुल, खरुझा, सैदूपुर होते हुए गांधीनगर तक सड़क पर बिखरी गिट्टियों ने राहगीरों की परेशानी को बेहद बढ़ा दिया है। खदानों से गिट्टी लादकर गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों से लगातार गिर रही इन गिट्टियों के चलते दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे वे आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। लगभग १० किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर फैली यह गिट्टियां राहगीरों के लिए मुसीबत बन चुकी हैं।

बिना तिरपाल ढके दौड़ रहे तेज रफ्तार ओवरलोड डंपर
क्षेत्रीय जनता का आरोप है कि इस बेहद व्यस्त मार्ग से दिन-रात गिट्टी लदे ओवरलोड ट्रक और डंपर बेहद तेज गति से गुजरते हैं। परिवहन नियमों को ताक पर रखकर इन डंपरों को ऊपर तक भर लिया जाता है और इन्हें बिना तिरपाल से ढके ही चलाया जाता है। इसके कारण वाहनों के झटके और हवा के दबाव से छोटी-छोटी गिट्टियां लगातार पक्की सड़क पर गिरती रहती हैं। इस वजह से अचानक ब्रेक लगाते ही बाइक और स्कूटी फिसल जा रही हैं, जिससे कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं।

बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक खतरा
स्थानीय निवासी रामकिशुन, विनोद, राजेश और मुन्ना ने बताया कि सुबह और शाम के समय मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक होने से परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। सड़क पर बिछी मौत की इन गिट्टियों के कारण स्थानीय निवासी डर के साये में सफर करने को मजबूर हैं। इस अव्यवस्था से सबसे ज्यादा खतरा क्षेत्र के बुजुर्गों, महिलाओं और प्रतिदिन आने-जाने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं को उठाना पड़ रहा है, जिनका वाहन मामूली लापरवाही से भी अनियंत्रित हो जाता है।

बड़ी दुर्घटना की आशंका
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या से जुड़े संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। यदि समय रहते पूरी सड़क की विधिवत सफाई नहीं कराई गई और अवैध ओवरलोडिंग में लिप्त वाहनों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो कभी भी कोई बड़ी और हृदयविदारक घटना घट सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल सड़क से गिट्टियां साफ कराने, तेज रफ्तार डंपरों पर अंकुश लगाने और सभी गिट्टी लदे वाहनों को अनिवार्य रूप से तिरपाल से ढंककर चलाने का कड़ा निर्देश देने की मांग उठाई है।