चकिया इंटर कॉलेज विवाद: प्रधानाचार्य के निलंबन की मांग को लेकर चकिया तहसील में प्रदर्शन, डीएम को बुलाने पर अड़े लोग

 

चंदौली के चकिया स्थित आदित्य नारायण इंटर कॉलेज में छात्र से मारपीट और सार्वजनिक अपमान के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। भीम आर्मी के नेतृत्व में जुलूस निकालकर ग्रामीणों ने तहसील में धरना दिया और आरोपी प्रधानाचार्य के निलंबन की मांग की।

 
 

15 अगस्त को छात्र के अपमान का मामला

भीम आर्मी के नेतृत्व में निकला जुलूस

चकिया तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना

प्रधानाचार्य के निलंबन की उठी मांग

चंदौली जिले के चकिया स्थित आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर एक छात्र को सार्वजनिक रूप से दंडित करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके अलावा कक्षा 9 के छात्र रितेश भारती के साथ कथित मारपीट के आरोपों ने ग्रामीणों और परिजनों के गुस्से को और भड़का दिया।

15 अगस्त को छात्र के अपमान का मामला

भीम आर्मी के नेतृत्व में निकला जुलूस

चकिया तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना

प्रधानाचार्य के निलंबन की उठी मांग@chakiyacdi @Uppolice @chandaulipolice @BhimArmyChief pic.twitter.com/B2BgbqxGIF

— Chandauli Samachar (@chandaulinews) August 18, 2026


भीम आर्मी के नेतृत्व में नगर में निकला जुलूस

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने मंगलवार को भीम आर्मी के नेता शैलेंद्र भारती के नेतृत्व में मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और छात्र एकजुट हुए और उन्होंने नगर में जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए चकिया तहसील परिसर पहुंचे और वहीं अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।

प्रधानाचार्य पर बाल पकड़कर पटकने का आरोप

पीड़ित परिजनों का आरोप है कि कक्षा 9 का छात्र रितेश भारती निर्धारित स्कूल ड्रेस में विद्यालय नहीं पहुंचा था। इस बात से नाराज होकर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने उसके साथ मारपीट की और कथित तौर पर बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया। वहीं 15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान एक अन्य छात्र को मंच पर कान पकड़कर उठक-बैठक कराने का वीडियो भी सामने आया है।

पुलिस कार्रवाई न होने से बढ़ा ग्रामीणों का गुस्सा

पीड़ित छात्र के परिजनों का कहना है कि उन्होंने घटना की शिकायत स्थानीय पुलिस से की थी, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस के ढुलमुल रवैये से नाराज होकर ग्रामीणों को तहसील का रुख करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या अपमानजनक व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

धरने पर बैठे लोगों ने स्पष्ट मांग रखी है कि जिलाधिकारी स्वयं मौके पर आएं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दें। ग्रामीणों की मांग है कि जांच में दोषी पाए जाने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य को तुरंत निलंबित किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मामले पर क्या कदम उठाता है।