ऐतिहासिक मां काली मंदिर पोखरे पर सफाई के लिए खुद हाथ में झाड़ू लेकर उतरे तहसीलदार देवेंद्र कुमार

चंदौली के चकिया में ऐतिहासिक मां काली मंदिर पोखरे पर मंगलवार को विशेष सफाई अभियान चलाया गया। खुद तहसीलदार देवेंद्र कुमार ने हाथ में झाड़ू थामकर घाटों की सफाई की और लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया।

 

ऐतिहासिक मां काली मंदिर पोखरे पर विशेष सफाई

तहसीलदार देवेंद्र कुमार खुद हाथ में झाड़ू लेकर उतरे

पोखरे के घाटों से हटाया गया भारी कूड़ा-करकट

धार्मिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए जनता से अपील

भविष्य में भी लगातार चलते रहेंगे ऐसे स्वच्छता अभियान

चंदौली जिले के चकिया में जब सरकारी महकमे के बड़े अधिकारी खुद जमीन पर उतरकर काम करने लगें, तो आम जनता का हौसला अपने आप बढ़ जाता है। ऐसा ही कुछ नजारा मंगलवार को चंदौली जिले के नगर पंचायत चकिया में देखने को मिला। यहाँ के बेहद ऐतिहासिक और आस्था के बड़े केंद्र मां काली मंदिर परिसर के प्राचीन पोखरे पर एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया।

इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसका नेतृत्व कर रहे तहसीलदार देवेंद्र कुमार खुद को रोक नहीं पाए। वे प्रोटोकॉल और कुर्सी का मोह छोड़कर सीधे मैदान में आए और हाथ में झाड़ू लेकर खुद सफाई कार्य में जुट गए। तहसीलदार साहब को इस तरह जमीन पर लगकर काम करते देख वहां मौजूद सफाई कर्मचारी, मंदिर समिति के लोग और स्थानीय कस्बे वाले भी पूरे जोश के साथ इस सफाई अभियान में शामिल हो गए।

कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक हटाकर घाटों को किया चकाचक
इस महा-सफाई अभियान के दौरान पोखरे के चारों तरफ और घाटों पर लंबे समय से जमा कूड़ा-करकट, सिंगल यूज प्लास्टिक, सूखी पत्तियां और जंगली झाड़-झंखाड़ को पूरी तरह से साफ किया गया। नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों ने पोखरे के किनारों की गहराई से सफाई की और वहां फैले कचरे को गाड़ी में भरकर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया।

सफाई के साथ-साथ वहां आए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया गया। तहसीलदार देवेंद्र कुमार ने इस मौके पर कहा कि मां काली मंदिर का यह ऐतिहासिक पोखरा हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। इसकी गरिमा और साफ-सफाई को बनाए रखना केवल प्रशासन का काम नहीं है, बल्कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

लोगों से की अपील और भविष्य के लिए बनाया यह बड़ा प्लान
तहसीलदार साहब ने नगरवासियों और श्रद्धालुओं से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे इस पवित्र पोखरे और इसके आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी तरह का कूड़ा-कचरा या प्लास्टिक न फेंकें। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई रहने से न केवल हमारे धार्मिक स्थलों की सुंदरता और गरिमा बढ़ती है, बल्कि यहां आने वाले लोगों की सेहत पर भी इसका अच्छा असर पड़ता है।

इस मुहिम की स्थानीय लोगों ने खूब तारीफ की। लोगों का कहना था कि ऐसे ऐतिहासिक स्थलों की नियमित सफाई होने से नगर सुंदर दिखेगा और बाहर से आने वाले भक्तों को भी अच्छा माहौल मिलेगा। तहसीलदार देवेंद्र कुमार ने साफ किया कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का नहीं है, बल्कि आने वाले समय में भी नगर के अन्य प्रमुख धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए ऐसे विशेष सफाई अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे।