चकिया तहसील में खतौनी सुधार का महाअभियान: अब लेखपाल घर-घर सुधारेंगे खतौनी के अंश, 19 जनवरी से 15 मार्च तक होगा काम
चंदौली के चकिया तहसील में खतौनी के अंश निर्धारण और त्रुटियों को सुधारने के लिए 19 जनवरी से 15 मार्च तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को समयबद्ध तरीके से संशोधन करने की सख्त जिम्मेदारी दी गई है।
19 जनवरी से 15 मार्च तक विशेष सुधार अभियान
खतौनी में गाटों के अंश निर्धारण की त्रुटियां होंगी दूर
लेखपालों को 15 दिन के भीतर सत्यापन का निर्देश
राजस्व निरीक्षकों को 10 दिन में जांच पूरी करने का लक्ष्य
लापरवाही बरतने वाले राजस्व कर्मियों पर होगी सीधी कार्रवाई
चंदौली जनपद की चकिया तहसील के किसानों और भू-स्वामियों के लिए राहत भरी खबर है। राजस्व परिषद और जिलाधिकारी चंदौली के निर्देशानुसार, तहसील चकिया के सभी गांवों की खतौनी में खातेदारों और सह-खातेदारों के गाटों के अंश निर्धारण में हुई त्रुटियों को सुधारने के लिए 19 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी दस्तावेजों में लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों और लोप को पूरी तरह समाप्त करना है।
राजस्व कर्मियों की तय की गई सख्त जवाबदेही
अभियान के सफल संचालन के लिए जिलाधिकारी कार्यालय ने विस्तृत समय-सारणी और उत्तरदायित्व निर्धारित कर दिए हैं। निर्देशानुसार, लेखपाल अपने स्तर पर 15 दिनों के भीतर सत्यापन की कार्रवाई पूरी करेंगे। इसके बाद, राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को आवेदन की जांच के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। तहसीलदार स्तर पर जांच 07 दिनों में पूर्ण होगी और अगले 03 दिनों के भीतर खतौनी में अमलदरामद (संशोधन) सुनिश्चित किया जाएगा।
लापरवाही पर लेखपाल और कानूनगो होंगे जिम्मेदार
इस अभियान को लेकर प्रशासन का रुख बेहद कड़ा है। अभियान के दौरान लेखपालों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी अविवादित अंश त्रुटि या लोप सुधार के बिना शेष न रहे। यदि अभियान की समाप्ति के बाद किसी गांव की खतौनी में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो संबंधित लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से ग्रामीणों को अब तहसीलों के बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।