चकिया में मड़ईनुमा घर में भड़की भीषण आग, गरीब परिवार का आशियाना और पूरी गृहस्थी जलकर राख

चंदौली के चकिया कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कौड़िहार गांव में बुधवार दोपहर अज्ञात कारणों से लगी आग ने एक गरीब परिवार को खुले आसमान के नीचे ला दिया है। घर में रखा अनाज, कपड़े और जरूरी सामान जलकर राख हो गया है।

 
 

कौड़िहार ग्राम सभा की पिछवारी बस्ती में भीषण अग्निकांड

गुड्डू बनवासी के मड़ईनुमा घर में लगी अज्ञात कारणों से आग

होली के दिन खुशियों के बीच मातम, सब कुछ जलकर हुआ राख

पीड़ित परिवार के पास खाने-पीने और रहने का संकट गहराया

समाजसेवियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से की मुआवजे की मांग

चंदौली जनपद अंतर्गत चकिया कोतवाली क्षेत्र के कौड़िहार ग्राम सभा से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। बुधवार की दोपहर यहाँ की पिछवारी बस्ती में स्थित एक मड़ईनुमा घर में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में एक गरीब परिवार का आशियाना पूरी तरह जलकर खाक हो गया, जिससे अब वह परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को विवश है।

दोपहर के सन्नाटे में भड़की आग की लपटें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछवारी बस्ती के निवासी गुड्डू बनवासी अपने परिवार के साथ एक मड़ईनुमा कच्चे घर में रहकर मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे थे। बुधवार की दोपहर करीब 3:00 बजे, जब होली के त्यौहार के कारण परिवार के सभी सदस्य घर के बाहर थे, तभी अचानक मड़ई में अज्ञात कारणों से आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।

ग्रामीणों की कोशिशें रही नाकाम, सब कुछ हुआ खाक
मड़ई से उठती आग की लपटें और काला धुआं देखकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने निजी संसाधनों और पानी की मदद से आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेज थी कि जब तक उस पर काबू पाया जाता, तब तक गुड्डू बनवासी की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो चुकी थी। इस घटना में घर में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर और दैनिक उपयोग की सभी जरूरी वस्तुएं नष्ट हो गई हैं।

बेघर हुआ परिवार, प्रशासन से मदद की गुहार
इस हृदयविदारक घटना के बाद गुड्डू बनवासी का परिवार पूरी तरह टूट गया है। होली के त्यौहार के दिन जहाँ लोग खुशियाँ मना रहे थे, वहीं इस परिवार के सामने रहने और खाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मौके पर मौजूद ग्रामीण प्रवीण यादव, तेजस यादव, युवा समाजसेवी छन्नू यादव और जितेंद्र यादव ने बताया कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है।

समाजसेवियों और ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और तहसील अधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित परिवार का तत्काल सर्वे कराकर उन्हें उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, उनके रहने के लिए समुचित व्यवस्था और राशन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि इस कठिन समय में उन्हें राहत मिल सके।