अदालती आदेश पर हुई मेड़बंदी में भारी बवाल, सरकारी पत्थर उखाड़कर पीड़ित को दी जान से मारने की धमकी
चन्दौली के कटवां माफी गांव में कोर्ट के आदेश पर हुई जमीन की नापी के बाद खूनी संघर्ष का माहौल बन गया। विपक्षियों पर सरकारी पत्थर उखाड़ने और पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है।
कोर्ट के आदेश पर हुआ भूमि सीमांकन
राजस्व विभाग के गाड़े पत्थर उखाड़े
पीड़ित हरेंद्र सिंह को मिली धमकी
घटना का वीडियो साक्ष्य के रूप में मौजूद
एसपी से लगाई न्याय की गुहार
चंदौली जिले के चकिया तहसील क्षेत्र से जमीनी रंजिश और दबंगई का एक बड़ा मामला सामने आया है। तहसील के कटवां माफी गांव में न्यायालय के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम जमीन का सीमांकन और फाइनल मेड़बंदी करने पहुंची थी। लेकिन सरकारी कार्रवाई पूरी होने के बाद वहां जमकर विवाद खड़ा हो गया। पीड़ित पक्ष ने विपक्षियों पर सरकारी पत्थरों को उखाड़ने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए चन्दौली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से न्याय की गुहार लगाई है।
कोर्ट के आदेश पर पहुंची थी राजस्व टीम
मिली जानकारी के अनुसार, कटवां माफी गांव के रहने वाले हरेंद्र कुमार सिंह (पुत्र हरिवंश नारायण सिंह) का अपनी जमीन को लेकर काफी समय से कोर्ट में केस चल रहा था। इस मामले में न्यायालय ने जमीन की नापी और पक्की मेड़बंदी कराने का आदेश जारी किया था। कोर्ट के इसी आदेश का पालन करने के लिए 10 जून 2026 को राजस्व निरीक्षक अजित सिंह अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। टीम ने गाटा संख्या 43 और गाटा संख्या 82/85 की भूमि का सीमांकन कर वहां सरकारी निशानदेही के पत्थर गाड़ दिए।
दोपहर में आए विपक्षी और शुरू कर दिया बवाल
पीड़ित हरेंद्र कुमार सिंह ने एसपी को दिए अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि नापी का काम पूरा होने के बाद, दोपहर करीब 2:40 बजे विपक्षी राममूरत अपने बेटे गुलाब के साथ मौके पर धमक पड़े। दोनों ने आते ही सरकारी सीमांकन का विरोध करना शुरू कर दिया। आरोप है कि विपक्षियों ने पीड़ित पक्ष को मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां दीं और राजस्व टीम द्वारा गाड़े गए सरकारी पत्थरों को जड़ से उखाड़कर फेंक दिया।
केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी
पीड़ित का कहना है कि विपक्षियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि वे उन्हें झूठे मुकदमों और अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न अधिनियम (SC-ST Act) के तहत फंसा देंगे। पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि इस पूरी करतूत का मौके पर वीडियो भी बनाया गया है, जिसे वे पुलिस को सबूत के तौर पर सौंपने के लिए तैयार हैं।
गांव में तनाव का माहौल, पुलिस जांच में जुटी
दूसरी तरफ, मौके पर मौजूद राजस्व अधिकारियों ने अपनी जो सरकारी रिपोर्ट तैयार की है, उसमें साफ लिखा है कि कोर्ट के आदेश पर नापी और मेड़बंदी का काम दोनों पक्षों की मौजूदगी में शांति से पूरा करा दिया गया था। इस घटना के बाद से गांव में तनाव और चर्चाओं का माहौल गर्म है। पीड़ित हरेंद्र सिंह ने एसपी से गुहार लगाई है कि दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।