चकिया में आई  बाढ़ तो तुरंत दौड़ी SDRF और नावें, SDM पवन यादव ने कहा- आपात स्थिति के लिए हम पूरी तरह तैयार

 

चंदौली के चकिया में मानसून और संभावित बाढ़ से निपटने के लिए लतीफशाह के समीप एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। आपदा की स्थिति में लोगों की जान बचाने के लिए विभिन्न विभागों ने राहत एवं बचाव कार्यों का सजीव अभ्यास किया।

 
 

चकिया तहसील में हुआ मॉक ड्रिल

लतीफशाह के समीप हुआ बड़ा अभ्यास

बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित निकालने का प्रदर्शन

एसडीआरएफ और स्वास्थ्य टीमें रहीं मौजूद

अफवाहों से बचने की प्रशासनिक अपील

चंदौली जिले में आगामी मानसून के आगमन और संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी आपदा प्रबंधन तैयारियों को युद्धस्तर पर तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में गुरुवार को चकिया तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध लतीफशाह के समीप तहसील प्रशासन द्वारा बाढ़ एवं आपदा राहत कार्यों का एक अत्यंत व्यापक और सजीव मॉक ड्रिल (युद्धाभ्यास) आयोजित किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसी भी वास्तविक आपदा या बाढ़ की स्थिति में अलग-अलग सरकारी विभागों की तत्परता, आपसी तालमेल और राहत व बचाव कार्यों की गति का बारीकी से परीक्षण करना था।

मलबे और पानी से लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रदर्शन
जिलाधिकारी के विशेष निर्देशों पर आयोजित किए गए इस मॉक ड्रिल की पूरी कमान और कड़ा निरीक्षण एसडीएम चकिया पवन कुमार यादव तथा पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाला। इस दौरान एक काल्पनिक संकट की स्थिति तैयार की गई। अभ्यास के तहत दिखाया गया कि कैसे बाढ़ की तेज धाराओं के बीच घिरे लोगों को नावों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला जाता है। इसके साथ ही, भारी बारिश के चलते अचानक मकान गिरने की स्थिति में मलबे के नीचे दबे नागरिकों को बिना नुकसान पहुंचाए रेस्क्यू करने की पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया का भी शानदार प्रदर्शन किया गया।

एसडीआरएफ और स्वास्थ्य टीमों ने दिखाई मुस्तैदी
इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), नागरिक सुरक्षा संगठन, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय पुलिस और अन्य संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की प्रशिक्षित टीमों ने अपनी पूरी ताकत के साथ भाग लिया। पानी से बाहर निकाले गए घायलों को तुरंत मौके पर ही प्राथमिक उपचार देकर एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजने का प्रबंध दिखाया गया। इसके बाद बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित राहत शिविरों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी परखी गई।

अफवाहों से दूर रहने की अपील
एसडीएम पवन कुमार यादव ने तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मानसून को लेकर पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर है। जिले के सभी बाढ़ संवेदनशील और निचले इलाकों पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है और आपातकाल के लिए पर्याप्त मात्रा में नाव व प्रशिक्षित जवान उपलब्ध हैं। अंत में प्रशासन ने आम जनता से भी यह अपील की कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के समय सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का ही पूरी तरह पालन करें। इस दौरान भारी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।