चंद्रप्रभा वन क्षेत्र में पुलिस-वन विभाग की टीम पर हमला, सपा नेता समेत 21 नामजद और 100 अज्ञात पर FIR दर्ज
चंदौली के चंद्रप्रभा वन क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन रोकने गई पुलिस और वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पथराव और हाथापाई के बीच उपद्रवी जब्त वाहन छुड़ा ले गए, जिसके बाद पुलिस ने 121 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।
चंद्रप्रभा वन क्षेत्र में अवैध खनन पर भारी बवाल
सरकारी टीम पर पथराव और जानलेवा हमला
जब्त जेसीबी और ट्रैक्टर छुड़ा ले गए उपद्रवी
सपा नेता महेंद्र राव समेत 21 पर नामजद मुकदमा
भारी पुलिस बल द्वारा आरोपियों की तलाश में दबिश
चंद्रप्रभा वन क्षेत्र में अवैध खनन पर खूनी संघर्ष की थी तैयारी, पुलिस और वन विभाग पर पथराव करके किया था हंगामा, सपा नेता सहित 121 पर मुकदमा, सपा नेता महेंद्र राव समेत दर्जनों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा
चंदौली जिले में चंद्रप्रभा वन क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर उपद्रवियों ने हमला बोल दिया। इस घटना में सरकारी कर्मचारियों के साथ हाथापाई, गाली-गलौज और पथराव की खबरें सामने आई हैं। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए 21 नामजद और करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा
जानकारी के अनुसार, चकिया थाना क्षेत्र के अलीपुर भांगड़ा और गायघाट इलाके में वन भूमि पर जेसीबी और ट्रैक्टरों के जरिए अवैध खनन की सूचना मिली थी। इस पर वन विभाग की टीम चकिया कोतवाली और बबुरी थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में लिप्त एक जेसीबी और दो ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया।
सपा नेता महेंद्र राव समेत 21 नामजद
पुलिस ने इस मामले में समाजवादी पार्टी के नेता महेंद्र राव और उनके भाई विजेंद्र राव को मुख्य आरोपी बनाते हुए 21 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा 100 अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इन सभी पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, बलवा, पुलिस टीम पर हमला, अवैध खनन और जान से मारने की धमकी देने जैसी विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुराना है विवादों का नाता
चंद्रप्रभा वन क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर पहले भी कई बार हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। इससे पहले वर्ष 2017 में तत्कालीन भाजपा सांसद का भी इसी क्षेत्र में घेराव हुआ था, वहीं 2022 के चुनावों से ठीक पहले भी पुलिस टीम पर हमला किया गया था।
प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और कई आरोपी घर छोड़कर फरार हैं।