चकिया में बिजली का बड़ा संकट: 40 गांवों में मची त्राहि-त्राहि, 24 घंटे में मात्र 8 घंटे मिल रही सप्लाई
चंदौली की चकिया तहसील के ग्रामीण इलाकों में बिजली की भीषण कटौती ने हाहाकार मचा दिया है। सैदूपुर फीडर से जुड़े 40 गांवों में 18 घंटे के सरकारी दावे के विपरीत मात्र 8 घंटे बिजली मिल रही है, जिससे गर्मी के बीच पानी और नींद का संकट खड़ा हो गया है।
भीषण गर्मी में 40 गांवों की बिजली व्यवस्था चरमराई
24 घंटे में मात्र 8 घंटे मिल रही विद्युत आपूर्ति
लो वोल्टेज और अघोषित कटौती से पेयजल संकट
सैदूपुर फीडर के ग्रामीण अंचलों में भारी आक्रोश
गेहूं कटाई के नाम पर घंटों की अघोषित कटौती
चंदौली जनपद की चकिया तहसील अंतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचलों में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। चकिया विद्युत उपकेंद्र के सैदूपुर फीडर से जुड़े लगभग 40 गांवों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति दयनीय हो गई है। जहाँ एक ओर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 18 घंटे निर्बाध बिजली देने का दम भर रही है, वहीं धरातल पर ग्रामीणों को 24 घंटे में से बमुश्किल 8 घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो रही है।
इन गांवों में मचा है हाहाकार
सैदूपुर फीडर से जुड़े मगरौर, गांधीनगर, बरहुआ, सैदूपुर, सरैया, बसाढी, खरौझा, पालपुर, मनकपड़ा, विशुनपुरवां, लेहरा खास, शाहपुर, उसरी, सुल्तानपुर, ईसापुर, नसोपुर, घुरहूपुर, बनरसिया, मालदह, खझरा और इसरगोढ़वा सहित करीब 40 गांवों के ग्रामीण बिजली संकट की मार झेल रहे हैं। अनियमित आपूर्ति के कारण घरों में लगे इनवर्टर तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं, जिससे शाम ढलते ही पूरा इलाका अंधेरे के आगोश में समा जाता है।
पेयजल संकट और उमस ने बढ़ाई मुसीबत
बिजली न रहने का सीधा असर पानी की आपूर्ति पर पड़ा है। नलकूप और मोटर न चलने से पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गेहूं कटाई के सीजन को देखते हुए विभाग ने पहले ही सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का कटौती शेड्यूल तय कर रखा है, लेकिन इसके बाद भी शाम और रात के समय बार-बार ट्रिपिंग और अघोषित कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी और मच्छरों के प्रकोप के बीच रात की नींद हराम होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं।
अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश
बिजली विभाग की इस घोर लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है। लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में जब विभागीय एसडीओ संतोष कुमार के सीयूजी नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे बात नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रोस्टर के अनुसार 18 घंटे बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। फिलहाल, चकिया का एक बड़ा ग्रामीण हिस्सा अंधेरे और प्यास से जूझ रहा है।