चकिया के निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत: बिना ऑक्सीजन वाराणसी रेफर करने का आरोप, संचालक फरार
चंदौली के चकिया में एक निजी अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के वाराणसी रेफर कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जबकि संचालक मौके से फरार है।
दुबेपुर निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत
बिना ऑक्सीजन सपोर्ट वाराणसी किया गया रेफर
परिजनों का अस्पताल परिसर में भारी हंगामा
प्रसव के बाद बिगड़ी थी महिला की हालत
अस्पताल संचालक और स्टाफ मौके से फरार
चंदौली जनपद के चकिया कोतवाली अंतर्गत दुबेपुर स्थित एक निजी अस्पताल में सोमवार को स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ प्रसव के लिए भर्ती हुई एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता और गलत चिकित्सा पद्धति के कारण उन्होंने अपने परिवार के सदस्य को खो दिया है। घटना के बाद से ही अस्पताल में तनाव का माहौल बना हुआ है।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, बिना ऑक्सीजन किया रेफर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरौझी गांव की निवासी रिंका को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर दुबेपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया, जिसके बाद रिंका ने एक बच्चे को जन्म दिया। हालांकि, शाम होते-होते रिंका की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय आनन-फानन में उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। आरोप यह भी है कि नाजुक हालत होने के बावजूद महिला को एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सपोर्ट तक नहीं दिया गया।
वाराणसी पहुँचते ही मृत घोषित, संचालक फरार
जब परिजन महिला को लेकर वाराणसी पहुँचे, तो वहाँ के चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और वे शव लेकर वापस चकिया स्थित अस्पताल पहुँचे। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल संचालक और पूरा स्टाफ क्लिनिक छोड़कर मौके से फरार हो गया।
प्रशासनिक कार्रवाई का आश्वासन
परिजनों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध और लापरवाह अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और दोषियों को जेल भेजा जाए। इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) वाई.के. राय ने बताया कि प्रकरण फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन वे इसकी तत्काल जांच करवाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि अस्पताल की लापरवाही सिद्ध होती है, तो उसका लाइसेंस निरस्त कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।