चकिया के मुड़हुआ उत्तरी में गरजा बाबा का बुलडोजर: प्राथमिक विद्यालय की जमीन पर बनी पक्की दीवार ध्वस्त
चंदौली के चकिया क्षेत्र अंतर्गत मुड़हुआ उत्तरी गांव में प्राथमिक विद्यालय की सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे पर प्रशासन का बुलडोजर चला। एसडीएम के नेतृत्व में पक्की दीवार ध्वस्त कर भूमि मुक्त कराई गई।
चकिया तहसील के मुड़हुआ उत्तरी गांव में चला बुलडोजर
प्राथमिक विद्यालय की आराजी नंबर 164 पर बनी पक्की दीवार ध्वस्त
एसडीएम विकास मित्तल की मौजूदगी में हुई बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई
सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से पूरी तरह कराया गया मुक्त
कार्रवाई से अवैध कब्जा करने वालों के बीच मचा हड़कंप
चंदौली जिले से अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। तहसील क्षेत्र चकिया के मुड़हुआ उत्तरी गांव में शुक्रवार को प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिला, जहां सरकारी जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चला दिया गया। इस दौरान प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाई गई पक्की दीवार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
प्राथमिक विद्यालय की आराजी पर था कब्जा
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुड़हुआ उत्तरी गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय की आराजी नंबर 164 मि. की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए जाने की शिकायत तहसील प्रशासन को मिली थी। जब राजस्व विभाग की टीम ने मामले की जांच की तो अतिक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची।
एसडीएम के नेतृत्व में चला बुलडोजर
अतिक्रमण हटाने की यह पूरी कार्रवाई उपजिलाधिकारी (एसडीएम) चकिया विकास मित्तल के नेतृत्व में संपन्न हुई। मौके पर मौजूद पुलिस बल और राजस्व अधिकारियों की देखरेख में जेसीबी मशीन की मदद से अवैध रूप से खड़ी की गई पक्की दीवार को मिनटों में गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
कब्जा करने वालों में मचा हड़कंप
प्रशासन के इस कड़े रुख को देखकर अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार, स्थानीय लेखपाल समेत राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया।
सरकारी जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और सार्वजनिक जमीनों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी स्थिति में सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और शिकायत मिलने पर जांच के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।