चकिया पुलिस पर आरोप, सपा नेता ने पुलिस और रेंजर पर लगाया 'एनकाउंटर' की धमकी देकर 2 लाख वसूलने का आरोप
चंदौली के चकिया में निजी जमीन पर मिट्टी खुदाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दलित सपा नेता महेंद्र राव ने कोतवाल और रेंजर पर गोली मारने की धमकी देकर दो लाख रुपये की वसूली का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
निजी जमीन पर मिट्टी खुदाई को लेकर हुआ भारी विवाद
सपा नेता महेंद्र राव पर पुलिस का कथित दबाव
एनकाउंटर का डर दिखाकर दो लाख की वसूली का आरोप
महिलाओं और पुलिस के बीच हुई तीखी नोकझोंक
दोषियों पर कार्रवाई न होने पर सपा की आंदोलन की चेतावनी
चकिया में पुलिस पर सनसनीखेज आरोप: सपा नेता का कोतवाल और रेंजर पर लगाया 2 लाख लेने का आरोप, एनकाउंटर की धमकी देकर 2 लाख वसूलने का बड़ा आरोप
चंदौली जिले की चकिया कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गायघाट अली भांगड़ा गांव में निजी जमीन पर मिट्टी खुदाई को लेकर उपजा विवाद अब एक बड़े राजनीतिक संकट में बदल गया है। समाजवादी पार्टी के युवा दलित नेता महेंद्र राव ने चकिया के कोतवाल अर्जुन सिंह और चंद्रप्रभा रेंजर अखिलेश दुबे पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। नेता का दावा है कि उन्हें "एनकाउंटर" का डर दिखाकर मोटी रकम वसूली गई है।
महिलाओं से नोकझोंक और तनावपूर्ण माहौल
प्रशासनिक टीम की इस कार्रवाई को देखकर गांव की महिलाएं और ग्रामीण भारी संख्या में इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते मौके पर पुलिस और महिलाओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और वन विभाग जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। इस विवाद के कारण घंटों तक क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
वसूली और एनकाउंटर की धमकी का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बाद महेंद्र राव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिसने जिले की राजनीति में उबाल ला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चकिया कोतवाल और रेंजर ने उन्हें गोली मारने और एनकाउंटर का भय दिखाया। महेंद्र राव के अनुसार, इसी खौफ के चलते उनसे दो बार में एक-एक लाख रुपये (कुल 2 लाख) वसूले गए। उन्होंने इसे दलितों की आवाज दबाने और अवैध खनन के नाम पर लूट का जरिया बताया है।
सपा का रुख: 2027 चुनाव और राजनीतिक षड्यंत्र
मामले को तूल पकड़ते देख समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सत्य नारायण राजभर ने भी कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर पुलिस और वन विभाग दलित नेताओं को निशाना बना रहे हैं। राजभर ने याद दिलाया कि 2022 के चुनाव से पहले भी इसी तरह का माहौल बनाया गया था और अब 2027 के मद्देनजर फिर से वही खेल खेला जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों को निलंबित नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी पूरे जनपद में बड़ा आंदोलन करेगी।
फिलहाल, इस पूरे मामले में चकिया पुलिस और वन विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान जरूर लगा दिए हैं।