चकिया के बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर दो नवजातों की मौत का आरोप, इलाज के नाम पर वसूले 1.40 लाख
चंदौली के बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर कथित लापरवाही से दो नवजातों की मौत का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर लापरवाही का गंभीर आरोप
दो जुड़वां नवजातों की मौत से परिवार में मातम
इलाज और ऑपरेशन के नाम पर भारी वसूली
पीड़िता से अभद्र व्यवहार और धमकी देने का आरोप
सीएमओ से अस्पताल बंद कराने और जांच की मांग
चंदौली जिला स्थित चकिया नगर पंचायत के घटमापुर वार्ड नंबर चार में संचालित बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अस्पताल में जच्चा-बच्चा के इलाज में गंभीर लापरवाही और अप्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा उपचार किए जाने का बड़ा आरोप लगा है। शहाबगंज थाना क्षेत्र के अमांव गांव निवासी हनुमान ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अस्पताल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
दो जुड़वां बच्चों की मौत से मचा हड़कंप
शिकायतकर्ता हनुमान के अनुसार, हाल ही में उनकी पुत्रवधू रूपा (पत्नी उमेश) को प्रसव पीड़ा होने पर बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर में भर्ती कराया गया था। वहां ऑपरेशन के जरिए रूपा ने दो बच्चों को जन्म दिया। हालांकि, लापरवाही के कारण एक बच्चा पैदा होते ही मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, दूसरे जीवित बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे चकिया स्थित कीनाराम अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन इलाज के दौरान उस दूसरे बच्चे की भी जान नहीं बचाई जा सकी।
इलाज के नाम पर वसूले लाखों रुपये
पीड़ित परिवार का आरोप है कि बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर के संचालक विकास मिश्रा ने ऑपरेशन के नाम पर उनसे 52 हजार रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद कीनाराम अस्पताल की संचालिका अंजू द्वारा दूसरे बच्चे के इलाज के नाम पर 88 हजार रुपये लिए गए। भारी-भरकम रकम खर्च करने के बाद भी परिवार अपने नवजात बच्चों को नहीं बचा सका। आरोप यह भी है कि प्रसव के तीसरे दिन रक्तस्राव न रुकने का बहाना बनाकर रूपा का दोबारा ऑपरेशन किया गया।
परिजनों को धमकी और अभद्रता का आरोप
पीड़ित परिवार ने जब अस्पताल प्रशासन की इस घोर लापरवाही पर सवाल उठाए, तो अस्पताल संचालक ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इस दुखद घटना और अभद्र व्यवहार के बाद से पीड़िता मानसिक रूप से काफी परेशान है। हनुमान का दावा है कि इस अस्पताल में बिना वैध पंजीकरण और बिना योग्य डॉक्टरों के इलाज किया जा रहा है, जिससे पहले भी कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ चुकी है।
सीएमओ से अस्पताल बंद करने की मांग
शिकायतकर्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच कराई जाए। साथ ही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन और वहां की चिकित्सीय व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की जाए। पीड़ित परिवार ने दोषी पाए जाने पर अस्पताल संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर को भविष्य के लिए पूरी तरह से सील व प्रतिबंधित करने की मांग उठाई है, ताकि किसी और परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े।