शिक्षकों की लेटलतीफी से पढ़ाई व स्कूल का अनुशासन हो रहा है प्रभावित, ABSA चकिया ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

चंदौली के प्राथमिक विद्यालय तलरा में शिक्षकों की लेटलतीफी जारी। निर्धारित समय पर न पहुंचने से बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित। एबीएसए चकिया रामटहल सिंह ने लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।
 

चकिया ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की मनमानी जारी

निर्धारित समय पर नहीं पहुंचते गुरुजन

शिक्षकों की लेटलतीफी पर एबीसए रामटहल सिंह ने जताई नाराजगी

होगी विभागीय कार्यवाही

चंदौली जिला के चकिया विकासखंड के परिषदीय विद्यालयों में गुरुजनों की मनमानी और लेटलतीफी थमने का नाम नहीं ले रही है। शिक्षा विभाग की ओर से बार-बार सख्त हिदायतें दिए जाने के बावजूद प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों का गैर-जिम्मेदाराना रवैया बना हुआ है। इस लापरवाही का सीधा और गंभीर खामियाजा नौनिहालों के भविष्य पर पड़ रहा है, क्योंकि उनका शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है।

निर्धारित समय पर गैरहाजिरी

मंगलवार को चकिया ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय तलरा में हकीकत सामने आई। विद्यालय खुलने का निर्धारित समय सुबह 9:00 बजे है, जिसके लिए शिक्षकों की उपस्थिति 8:30 से 8:45 बजे तक सुनिश्चित की गई है। इसके बावजूद, निर्धारित समय के आधा घंटे बाद तक भी ज्यादातर शिक्षक अनुपस्थित रहे। केवल एक शिक्षक समय पर पहुंचे, जिन्होंने बिना प्रार्थना कराए ही कक्षा का संचालन शुरू कर दिया। वहीं, अन्य शिक्षक एक घंटे बीतने के बाद भी विद्यालय नहीं पहुंचे।

एबीएसए ने जताई सख्त नाराजगी

शिक्षकों की इस घोर लापरवाही की सूचना मिलते ही एबीएसए चकिया रामटहल सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने सख्त लहजे में नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की लेटलतीफी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एबीएसए ने स्पष्ट किया कि प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। जो भी शिक्षक समयपालन नहीं करते या अपने कर्तव्यों की अनदेखी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

ग्रामीणों ने भी विद्यालय में शिक्षकों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि रोजाना यही स्थिति बनी रहती है। बच्चों को समय पर शिक्षक नहीं मिल पाते, जिससे पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

अब देखना यह होगा कि एबीएसए द्वारा दिए गए कठोर कार्रवाई के आश्वासन पर विभाग वास्तव में कितना अमल करता है या यह मामला भी महज चेतावनी तक सीमित रह जाएगा।