किसान तेजबली की मौत के बाद गांव पहुंचे नेता और अधिकारी,  गांव में पुलिस फोर्स ने संभाला मोर्चा

 

चंदौली के इलिया क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर गोली लगने से घायल किसान तेजबली चौहान की वाराणसी ट्रामा सेंटर में मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

 
 

इलाज के दौरान किसान तेजबली चौहान की मौत

बीच सड़क पर घेरकर मारी गई थीं चार गोलियां

मुख्य आरोपी शशिकांत मिश्रा पहले ही गिरफ्तार

गांव में तनाव के बीच भारी सुरक्षा बल तैनात

चार बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

 चंदौली जिले के इलिया थाना अंतर्गत डेहरी खुर्द गांव में जमीनी रंजिश ने एक परिवार को तबाह कर दिया। पिछले रविवार को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए 43 वर्षीय किसान तेजबली चौहान की मंगलवार को वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। किसान की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने मृतक के घर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।

सांत्वना देने पहुंचे एसडीएम और सीओ 
किसान की मौत के बाद गांव में व्याप्त आक्रोश और तनाव को भांपते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) रघुराज सिंह और उप जिलाधिकारी (एसडीएम) विनय कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मृतक के घर पहुंचे। अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और उनकी पत्नी व बच्चों को सांत्वना दी। एसडीएम ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए सरकारी स्तर पर हरसंभव मदद और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

क्या थी पूरी घटना? 
जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ एक पुरानी जमीनी रंजिश थी। रविवार की शाम तेजबली चौहान अपनी साइकिल से घरेलू सामान लेकर घर लौट रहे थे। जब वह घर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित सांवलसोत मोड़ के पास पहुंचे, तभी गांव के ही शशिकांत मिश्रा उर्फ रवि ने अपने साथी पिंटू चौहान के साथ मिलकर उन्हें घेर लिया। आरोप है कि शशिकांत बेलेनो कार से उतरा और उसने तेजबली पर ताबड़तोड़ चार राउंड फायरिंग की। एक गोली तेजबली के पेट में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े।

2 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में 
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए उसी रात मुख्य आरोपी शशिकांत मिश्रा और कार चालक प्रदीप कुमार गौतम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसका नतीजा इस हिंसक वारदात के रूप में सामने आया। पुलिस ने अब हत्या के प्रयास (धारा 307) के मामले को हत्या (धारा 302) में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बेसहारा हुआ परिवार 
तेजबली चौहान अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे। उनकी मौत से उनकी पत्नी बेबी चौहान और चार मासूम बेटियों—खुशबू (14), सुनयना (13), अंशिका (10) और अंजलि (6) के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। रोती-बिलखती बेटियों को देखकर गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम हैं। वर्तमान में शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया है, और प्रशासन गांव में शांति बनाए रखने के लिए लगातार गश्त कर रहा है।

फिलहाल गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में लगातार पुलिस बल तैनात है। प्रशासन ने परिजनों को हरसंभव मदद और न्याय का भरोसा दिलाया है। पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा