चकिया में सरकारी खूंटा उखड़ने पर गरजा प्रशासन! तहसीलदार ने सपा नेता समेत कई लोगों पर FIR के लिए लिखा पत्र
चकिया के ग्राम उतरौत में चकरोड विवाद ने सियासी तूल पकड़ लिया है। तहसीलदार देवेंद्र कुमार ने सरकारी सीमांकन का खूंटा उखाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में सपा नेता समेत कई लोगों पर FIR दर्ज करने की बड़ी संस्तुति की है।
ग्राम उतरौत में सरकारी सीमांकन चिन्ह उखाड़ने का आरोप
राजकीय कार्य में बाधा डालने पर प्रशासन सख्त
तहसीलदार देवेन्द्र कुमार ने दिखाई बड़ी कड़ाई
सपा नेता समेत कई नामजद लोगों पर FIR की मांग
चकरोड विवाद से चकिया की राजनीति में मचा हड़कंप
चंदौली जिले के चकिया इलाके में इस समय एक प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सियासी गलियारों में भारी हलचल है। ग्राम उतरौत में चल रहे एक चकरोड विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है। चकिया के तहसीलदार देवेन्द्र कुमार ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने एक सपा नेता समेत कई नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा (FIR) दर्ज करने की सिफारिश की है, जिससे इलाके के नेताओं में खलबली मच गई है।
सरकारी खूंटा उखड़ा तो गरजा प्रशासन
पूरा मामला ग्राम उतरौत में सरकारी जमीन और चकरोड की पैमाइश से जुड़ा है। आरोप है कि प्रशासन द्वारा लगाए गए सरकारी सीमांकन चिन्ह (खूंटे) को कुछ रसूखदार लोगों ने उखाड़ फेंका। इतना ही नहीं, जब सरकारी टीम वहां काम कर रही थी, तब राजकीय कार्य में बाधा डालने और इलाके में तनाव फैलाने की कोशिश भी की गई। तहसीलदार देवेंद्र कुमार ने इसे सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन माना है और साफ कर दिया है कि सरकारी काम में ढिलाई या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सपा खेमे में बढ़ी बेचैनी, अब होगी बड़ी कार्रवाई!
तहसीलदार द्वारा पुलिस को लिखे गए इस पत्र के बाद से चकिया की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में एक समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और उनके साथियों का नाम सामने आने के बाद से विपक्षी खेमे में बेचैनी साफ देखी जा सकती है। तहसीलदार की इस कड़क रिपोर्ट के बाद अब पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है। माना जा रहा है कि सरकारी जमीन पर सियासत करने वाले इन लोगों पर जल्द ही कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।