24 घंटे से सैदूपुर व मुसाखांड फीडर की बिजली गुल; 80 गांवों में अंधेरा, पेयजल संकट गहराया
चंदौली के चकिया विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत सैदूपुर और मुसाखांड फीडर से जुड़े लगभग 80 गांवों में बीते 24 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। इनवर्टर डिस्चार्ज होने और समरसेबल पंप बंद रहने से ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
सैदूपुर व मुसाखांड फीडर से 24 घंटे से बिजली ठप
वनांचल और मैदानी क्षेत्र के 80 गांव अंधेरे में डूबे
इनवर्टर डिस्चार्ज, समरसेबल बंद होने से पेयजल संकट
संपर्क करने पर एसडीओ ने नहीं उठाया फोन
मौसम सामान्य होने पर आपूर्ति बहाली का विभागीय दावा
चंदौली जिले के चकिया विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सैदूपुर और मुसाखांड फीडर की बिजली आपूर्ति बीते 24 घंटे से पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। लगातार बिजली गायब रहने के कारण क्षेत्र के लगभग 80 गांवों में घना अंधेरा पसरा हुआ है। बिजली न रहने से ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से घरों में लगे इनवर्टर, बैटरियां और मोबाइल फोन पूरी तरह डिस्चार्ज हो चुके हैं, जिससे लोगों की दैनिक परेशानियां और बढ़ गई हैं।
सैदूपुर व पहाड़ी क्षेत्र के 80 गांव प्रभावित, बंद पड़े उपकरण
बिजली संकट का सबसे बड़ा असर सैदूपुर फीडर से जुड़े मंगरौर, गांधीनगर, बरहुआ, उसरी, शाहपुर, रामशाला, सुल्तानपुर, अर्जी, ईसापुर, घुरहूपुर, सैदूपुर, सरैया, बसाढ़ी, खरौझा, बनरसिया, मालदह, मनकपड़ा और लेहरा-बिशनपुरवां सहित लगभग 50 मैदानी गांवों पर पड़ा है। इसके अलावा, मुसाखांड फीडर से जुड़े वनांचल व पहाड़ी क्षेत्र के करीब 30 गांव भी पूरी तरह अंधेरे में डूबे हुए हैं। बिजली के अभाव में घरों और दुकानों के बिजली उपकरण ठप पड़े हैं।
समरसेबल बंद होने से पीने के पानी का संकट, मोबाइल चार्जिंग की भी समस्या
विद्युत आपूर्ति न होने से सबसे भयावह स्थिति पेयजल को लेकर उत्पन्न हो गई है। गांवों में लगे समरसेबल पंप और नल जल योजना की टंकियां पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जिससे ग्रामीणों को पीने और दैनिक उपयोग के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। लोग दूर-दराज के हैंडपंपों से पानी ढोने को मजबूर हैं। इसके साथ ही मोबाइल चार्ज न हो पाने के कारण अपनों से संपर्क साधना भी मुश्किल हो गया है।
एसडीओ ने नहीं उठाया फोन, संविदा कर्मी बोले- "मौसम सामान्य होते ही बहाल होगी बिजली"
आपूर्ति बाधित होने का कारण जानने और शिकायत दर्ज कराने के लिए जब उपभोक्ताओं ने विभाग के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) से उनके सरकारी फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। अधिकारियों की इस बेरुखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। वहीं, विद्युत विभाग के एक संविदा कर्मचारी ने बताया कि क्षेत्र में हुई बारिश और तेज हवा के झोंकों के कारण सुरक्षा के लिहाज से दोनों फीडरों को बंद रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि मौसम सामान्य होते ही फाल्ट दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। लगातार 24 घंटे से जारी इस संकट से परेशान उपभोक्ताओं ने उच्चाधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है।