अवैध खनन पर स्ट्राइक: चंदौली में पत्थर लादकर जा रही ट्रैक्टर-ट्राली जब्त, वन विभाग और पुलिस की कार्रवाई

 

चंदौली के चंद्रप्रभा रेंज में वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त गश्त के दौरान अवैध पत्थरों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ा है। दुलहियादाई पहाड़ी के पास हुई इस कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है।

 

अवैध पत्थर ढुलाई करते ट्रैक्टर-ट्राली जब्त

वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

दुलहियादाई पहाड़ी के पास पकड़ा गया वाहन

वन अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही शुरू

अवैध खनन के खिलाफ निरंतर जारी रहेगा अभियान

चंदौली जिले के चंद्रप्रभा रेंज अंतर्गत अवैध खनन और पत्थरों के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने चकिया-हाजीपुर मार्ग पर गश्त के दौरान अवैध पत्थरों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय खनन माफियाओं के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

गश्त के दौरान दुलहियादाई पहाड़ी के पास हुई कार्रवाई
यह सफल अभियान क्षेत्रीय वनाधिकारी अखिलेश दुबे के कुशल निर्देशन में चलाया गया। जानकारी के अनुसार, चकिया थाना प्रभारी अर्जुन सिंह, डिप्टी रेंजर आनंद दुबे, वन दरोगा रिशु चौबे और सुनील सिंह सहित चकिया एवं चंद्रप्रभा रेंज का संयुक्त स्टाफ क्षेत्र में गश्त पर था। इसी दौरान टीम शिकारगंज अनुभाग के दुलहियादाई पहाड़ी के पास चकिया-हाजीपुर मार्ग पर पहुँची, जहाँ एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्राली आती दिखाई दी।

अवैध पत्थरों की खेप बरामद
संदेह होने पर जब टीम ने वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली, तो उसमें अवैध रूप से उत्खनन किए गए पत्थर लदे पाए गए। वाहन चालक पत्थरों के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्राली को अपने कब्जे में ले लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया गया।

वैधानिक कार्यवाही और भविष्य की चेतावनी
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित वाहन और उसके मालिक के खिलाफ वन अधिनियम एवं अन्य सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि चंद्रप्रभा रेंज और आसपास के संरक्षित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अवैध खनन या परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण और वन संपदा की रक्षा के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण और संयुक्त अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे, ताकि अवैध कार्यों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।