किसानों की मुसीबत: केरायगांव रेगुलेटर की कैसी हुई रिपेयरिंग? न गेट ऊपर उठ रहा और न नीचे गिर रहा, खेती पर संकट
मानसून और धान की रोपाई के सीजन के बीच चंदौली के केरायगांव रेगुलेटर की खराब रिपेयरिंग ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गेट के जाम होने से हजारों बीघा खेती और पचासों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
केरायगांव रेगुलेटर का गेट हुआ पूरी तरह जाम
खराब रिपेयरिंग की वजह से नहीं काम कर रहा सिस्टम
सिंचाई न होने से हजारों बीघा खेती चौपट होने का डर
पचासों गांवों में बाढ़ आने का भी बढ़ा बड़ा खतरा
किसानों ने वीडियो जारी कर दी आंदोलन की बड़ी चेतावनी
रोपाई के सीजन में सिंचाई का संकट
चंदौली जिले में जैसे-जैसे मानसून की आंख-मिचौली और धान की रोपाई का सीजन करीब आ रहा है, वैसे-वैसे अन्नदाताओं का पूरा ध्यान सिंचाई के संसाधनों पर टिक गया है। लेकिन चंदौली के केरायगांव इलाके में किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। यहाँ के केरायगांव ड्रेन पर स्थित रेगुलेटर और भरुहिया तथा हड़ौरा के रेगुलेटर की मरम्मत के लिए किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने कई बार जिला किसान दिवस में आवाज उठाई थी। इसके बाद बंधी डिवीजन के अधिकारियों ने रिपेयरिंग का भरोसा भी दिया था।
कैसी रिपेयरिंग? न ऊपर उठ रहा, न नीचे गिर रहा गेट
अफसरों के आश्वासन के बाद रेगुलेटर की रिपेयरिंग का काम कराया तो गया, लेकिन ठेकेदार और इंजीनियरों की लापरवाही ऐसी रही कि केरायगांव रेगुलेटर का जो गेट ठीक किया गया था, वह अब पूरी तरह जाम हो चुका है। वह गेट न तो नीचे गिर रहा है और न ही ऊपर उठ रहा है। जब नहर का पानी ड्रेन में आया, तो किसानों ने सोचा कि गेट गिराकर पानी रोक लेते हैं और धान की नर्सरी (बेहन) डाल लेते हैं। लेकिन मौके पर जाने पर पता चला कि लाखों की लागत से हुआ काम पूरी तरह फेल है।
किसानों का बलपूर्वक प्रयास भी रहा विफल
रेगुलेटर के काम न करने से गुस्साए किसान विकास मंच के युवा नेता भीष्म नारायण यादव ने कई स्थानीय किसानों के साथ मौके पर पहुँचकर गेट को चालू करने का बलपूर्वक प्रयास किया। लेकिन लोहे का भारी-भरकम गेट टस से मस नहीं हुआ। युवा किसान नेता भीष्म नारायण यादव ने साफ शब्दों में कहा कि अगर इस खराबी को तुरंत ठीक नहीं किया गया, तो इलाके के हजारों किसानों की खेती पूरी तरह चौपट हो जाएगी क्योंकि इसी रेगुलेटर से हजारों बीघा खेतों की सिंचाई होती है।
सिंचाई के साथ-साथ अब बाढ़ का भी बढ़ा खतरा
किसानों का कहना है कि यह रेगुलेटर सिर्फ सिंचाई के लिए नहीं, बल्कि जल निकासी के लिए भी जीवन रेखा है। इसी रेगुलेटर के जरिए आसपास के पचासों गांवों के बाढ़ का पानी बाहर निकलता है। अगर बरसात के दिनों में यह गेट ऊपर-नीचे रन नहीं करेगा, तो सिंचाई के संकट के साथ-साथ इलाके में भयंकर बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा और गांव के गांव पानी में डूब जाएंगे।
अवर अभियंता ने ठेकेदार को लगाई फटकार
इस गंभीर समस्या को देखते हुए किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने तुरंत बंधी डिवीजन के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद, सहायक अभियंता मनोज सिंह और अवर अभियंता अजेश्वर सिंह को मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलते ही अवर अभियंता अजेश्वर सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "हम ठेकेदार को बोल रहे हैं कि वह तुरंत मौके पर जाकर इसे सही करे। सरकारी काम में ऐसी लापरवाही और किसानों की ऐसी शिकायत हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
नाराज किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
वहीं, परेशान किसानों ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करके प्रशासन को आगाह किया है कि खेती ही उनकी आजीविका और जीने का एकमात्र साधन है। अगर इसे जल्द से जल्द ठीक करके पानी की सप्लाई सुचारू नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर भीष्म नारायण यादव, केदारनाथ, हिमांशु कुमार, अविनाश यादव और अमित कुमार सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।