श्रीराम कथा में गूंजा शिव-पार्वती के अटूट प्रेम का प्रसंग, विदाई गीत सुन फूट-फूट कर रोईं महिलाएं
चंदौली के खरौझा गांव में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन शिव-पार्वती विवाह के मार्मिक प्रसंग ने भक्तों का दिल जीत लिया। मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी की मधुर वाणी और विदाई के भावुक प्रसंग को पढ़ने के लिए क्लिक करें।
खरौझा हनुमान मंदिर में नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा
मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी द्वारा शिव चरित्र का वर्णन
भौतिक सुखों के त्याग और सच्चे प्रेम का अद्भुत संदेश
शिव बारात में आए बारातियों का दिलचस्प और प्रेरक प्रसंग
बेटी की विदाई प्रसंग पर भावुक हुई महिला श्रद्धालु
चंदौली जिले के चकिया तहसील अंतर्गत खरौझा गांव (हिनौती मौजा) स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर भक्ति की बयार बह रही है। यहाँ आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के तीसरे दिन सोमवार को शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। काशी से पधारीं प्रसिद्ध कथावाचिका 'मानस मयूरी' शालिनी त्रिपाठी ने अपनी सुमधुर वाणी से भगवान शिव के चरित्र और माता पार्वती के साथ उनके विवाह का ऐसा मार्मिक वर्णन किया कि उपस्थित श्रोता भाव-विभोर हो उठे।
सच्चे प्रेम और त्याग की मिसाल है शिव-पार्वती विवाह
कथावाचिका शालिनी त्रिपाठी ने प्रसंग के दौरान बताया कि देवी पार्वती के लिए भगवान विष्णु का विवाह प्रस्ताव भी आया था, लेकिन उन्होंने दृढ़ निश्चय के साथ मन, वचन और कर्म से केवल महादेव को ही अपना पति स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने भौतिक सुख-सुविधाओं और राजसी वैभव का त्याग कर कठिन तपस्या की। यह प्रसंग आज के भौतिकवादी समाज के लिए एक महान प्रेरणा है, जो हमें सिखाता है कि सच्चा प्रेम और विश्वास किसी भी सुख-साधन से ऊपर होता है।
विदाई प्रसंग ने किया आंखों को नम
शिव बारात के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कथावाचिका ने कहा कि भगवान शिव समभाव के प्रतीक हैं। उन्होंने अपनी बारात में समाज के हर वर्ग, यहाँ तक कि उपेक्षित लोगों को भी स्थान दिया। कथा के दौरान जब शिव-पार्वती विवाह और बेटी की विदाई का प्रसंग सुनाया गया, तो पूरे पंडाल में सन्नाटा पसर गया और विशेष रूप से महिला श्रद्धालु अपने आंसू नहीं रोक पाईं। सुमधुर भजनों और संगीत की प्रस्तुति ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
इस आध्यात्मिक उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ग्राम प्रधान राजन सिंह, अस्पताली सिंह, झब्बू सिंह, त्रिवेणी दुबे, छोटू सिंह और पीके सिंह उपस्थित रहे। साथ ही गीता, रीना, इंदिरा, चिंता, चंदा, रूद्र प्रिया सिंह और जमुना देवी सहित क्षेत्र के तमाम भक्तों ने कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में श्रीराम जन्म और अन्य प्रमुख प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।