सैदूपुर में गूंजेगा जय श्रीराम: 17 अप्रैल से भव्य श्रीराम कथा का आगाज़, सुबह निकलेगी विशाल कलश यात्रा

 

चन्दौली के सैदूपुर में श्रीराम सेवा समिति द्वारा 17 अप्रैल से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। वृंदावन की आचार्या पूर्णिमा जी महाराज के श्रीमुख से कथा का रसपान करने के लिए क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह और धार्मिक माहौल है।

 
 

17 अप्रैल से नौ दिवसीय श्रीराम कथा

सुबह 6 बजे निकलेगी भव्य कलश यात्रा

बाल विदुषी पूर्णिमा जी करेंगी कथा वाचन

सैदूपुर राइस मिल प्रांगण में होगा आयोजन

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतज़ाम

चंदौली जनपद के शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत सैदूपुर कस्बे में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होने वाला है। यहाँ के राइस मिल प्रांगण में 'श्रीराम सेवा समिति' के तत्वावधान में आगामी 17 अप्रैल से भव्य नौ दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ हो रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर केवल सैदूपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों में श्रद्धालुओं के बीच भारी उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखा जा रहा है।

कलश यात्रा से होगा मंगलारंभ
कथा के प्रथम दिन, यानी शुक्रवार सुबह 6:00 बजे एक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। आयोजन समिति के अनुसार, यह यात्रा सैदूपुर कस्बे से शुरू होकर सरैया और बसाढी गांवों का भ्रमण करते हुए वापस कथा स्थल पर संपन्न होगी। इस यात्रा में पीत वस्त्र धारण किए बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियाँ और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। कलश यात्रा को भव्य रूप देने के लिए मार्ग की सफाई और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।

वृंदावन की आचार्या करेंगी कथा रसपान
इस नौ दिवसीय ज्ञान यज्ञ में वृंदावन धाम से पधारीं सुप्रसिद्ध आचार्या बाल विदुषी पूर्णिमा जी महाराज श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों पर आधारित कथा का रसपान कराएंगी। कथा का समय प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। पूर्णिमा जी की ओजस्वी वाणी और भजनों को सुनने के लिए क्षेत्र में अभी से चर्चा का विषय बना हुआ है।

आयोजन समिति ने पूरे किए प्रबंध
आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रीराम सेवा समिति के ग्राम प्रधान मनोहर केशरी, चंदन सेठ और अरविंद गुप्ता सहित पूरी टीम दिन-रात जुटी हुई है। कथा स्थल पर विशाल पंडाल, बैठने की सुव्यवस्थित दीर्घा, शुद्ध पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों व स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन के लिए भी स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित किया गया है।

क्षेत्रवासियों से भावपूर्ण अपील
समिति के सदस्यों ने क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस आध्यात्मिक उत्सव का हिस्सा बनें। उन्होंने विशेष रूप से कलश यात्रा में सम्मिलित होने और प्रतिदिन कथा सुनकर धर्म लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस आयोजन से क्षेत्र में सामाजिक समरसता और शांति का संदेश प्रसारित होगा।