शिक्षामित्रों का मानदेय ₹18,000 होने पर चंदौली में जश्न: सीएम योगी के फैसले से गदगद हुए शिक्षक

 

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किए जाने के फैसले से चंदौली के शिक्षामित्रों में खुशी की लहर है। शहाबगंज में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया गया।

 
 

शिक्षामित्रों का मानदेय ₹18,000 हुआ

कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने पर जश्न

शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया

26 वर्षों के अनुभव का मिला सम्मान

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के हित में लिए गए एक बड़े फैसले ने चंदौली जनपद के शिक्षा जगत में उत्साह भर दिया है। प्रदेश कैबिनेट द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किए जाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद शिक्षामित्रों में भारी खुशी देखी जा रही है। इसी क्रम में 'आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन' की एक आवश्यक बैठक ब्लॉक प्रभारी सुरजीत कुमार पटेल के आवास पर आयोजित की गई, जहाँ सभी ने एक-दूसरे का मुँह मीठा कराकर जश्न मनाया।

मुख्यमंत्री का जताया आभार, बताया ऐतिहासिक निर्णय
बैठक की अध्यक्षता कर रहे मंडल अध्यक्ष विजय श्याम तिवारी ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मानदेय में ₹8,000 की यह वृद्धि शिक्षामित्रों के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक सिद्ध होगी। शिक्षामित्रों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा कि यह निर्णय न केवल आर्थिक रूप से संबल प्रदान करेगा, बल्कि लंबे समय से संघर्ष कर रहे शिक्षामित्रों के मनोबल को भी बढ़ाएगा।

नियमितीकरण और भविष्य की सुरक्षा की मांग
खुशी व्यक्त करने के साथ ही शिक्षामित्रों ने अपनी वर्षों पुरानी सेवा का भी जिक्र किया। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षामित्र पिछले 26 वर्षों से प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि उनके लंबे अनुभव और समर्पण को देखते हुए भविष्य में नियमित सेवा (नियमितीकरण) की दिशा में भी विचार किया जाए, ताकि उनका भविष्य पूरी तरह सुरक्षित हो सके।

बैठक में बड़ी संख्या में उपस्थित रहे शिक्षामित्र
सुरजीत कुमार पटेल की अध्यक्षता और महानंद के संचालन में हुई इस बैठक में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शिक्षामित्र शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से राम अवध यादव, रमेश कुमार, गौरी शंकर चौबे, अजय कुमार पांडे, अशोक कुमार, सुषमा केसरी, अनीता शर्मा, मीरा देवी, वंदना द्विवेदी, उषा त्रिपाठी, घनश्याम तिवारी, जाहिदा बेगम, रजिया बेगम और रामभरोस गुप्ता सहित दर्जनों शिक्षामित्र उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार के इस कल्याणकारी फैसले की सराहना की।