चंदौली के लाल का कमाल: शिक्षामित्र के बेटे श्रीयांशु राव ने पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा में किया यूपी टॉप

 

चंदौली के शहाबगंज क्षेत्र के होनहार छात्र श्रीयांशु राव ने पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा में पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। शिक्षामित्र और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के बेटे की इस कामयाबी से पूरा जिला गौरवान्वित है।

 
 

पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा में पहली रैंक

शिक्षामित्र के बेटे ने किया कमाल

सीमित संसाधनों में पाई बड़ी सफलता

पूरे वनांचल क्षेत्र में खुशी की लहर

 चंदौली जिले के वनांचल क्षेत्र से एक बेहद गौरवशाली और प्रेरणा देने वाली खबर सामने आई है। शहाबगंज विकासखंड के सुदूर ताला तेंनुई गांव के रहने वाले होनहार छात्र श्रीयांशु राव ने पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा में पूरे प्रदेश स्तर पर पहली रैंक (प्रथम स्थान) हासिल कर इतिहास रच दिया है। बहुत ही सीमित संसाधनों और बेहद सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बीच रहते हुए श्रीयांशु ने जो मुकाम हासिल किया है, उसने ग्रामीण क्षेत्र के बाकी विद्यार्थियों के सामने एक शानदार मिसाल पेश की है।

माता-पिता के त्याग और तपस्या का मिला फल
श्रीयांशु राव की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके माता-पिता का कड़ा संघर्ष और त्याग छुपा हुआ है। उनके पिता रामप्रकाश स्थानीय प्राथमिक विद्यालय ताला तेंनुई में शिक्षामित्र के पद पर तैनात हैं, जबकि उनकी माता अर्चना देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में समाज की सेवा कर रही हैं। एक सामान्य नौकरी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद, इस दंपत्ति ने अपने बेटे की पढ़ाई-लिखाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। माता-पिता की इसी लगन और त्याग का नतीजा आज पूरे उत्तर प्रदेश में नंबर वन रैंक के रूप में सबके सामने आया है।

लक्ष्य तय कर की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती
अपनी इस बेमिसाल कामयाबी पर खुशी जताते हुए होनहार छात्र श्रीयांशु राव ने इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, अपने गुरुजनों के सही मार्गदर्शन और रोजाना की जाने वाली नियमित पढ़ाई को दिया है। श्रीयांशु का मानना है कि यदि आप जिंदगी में कोई एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर लें और फिर पूरे आत्मविश्वास व बिना रुके कड़ी मेहनत के साथ उसकी तैयारी में जुट जाएं, तो सफलता हर हाल में मिलकर ही रहती है। श्रीयांशु की इस कामयाबी की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया।

प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती
श्रीयांशु की इस अकल्पनीय सफलता पर गांव के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि हमारे पिछड़े वनांचल क्षेत्र में आज भी शहरों जैसी सुविधाएं और संसाधन नहीं हैं। इसके बावजूद श्रीयांशु ने अपनी कड़ी मेहनत से यह साबित कर दिया है कि असली प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की गुलाम नहीं होती। यदि मन में मजबूत संकल्प हो, तो हर बाधा को पार कर आसमान छुआ जा सकता है। छात्र की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों, स्थानीय शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।