ममता बनर्जी के खिलाफ चंदौली में उबाल: राष्ट्रपति पर टिप्पणी से नाराज आदिवासी समाज ने फूंका CM का पुतला
चंदौली के चकिया में राष्ट्रपति पर की गई विवादित टिप्पणी के विरोध में आदिवासी समाज ने मोर्चा खोल दिया है। सैकड़ों की संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने सीएम ममता बनर्जी का पुतला फूंकते हुए कड़ा आक्रोश जताया और माफी की मांग की।
राष्ट्रपति के अपमान पर भड़का आदिवासी समाज
चकिया के गांधी पार्क पर जोरदार प्रदर्शन
सीएम ममता बनर्जी का फूंका गया पुतला
रामनाथ खरवार ने अपमान का लगाया आरोप
सैकड़ों आदिवासियों ने की जमकर नारेबाजी
चंदौली जनपद के चकिया स्थित गांधी पार्क में उस समय गहमागहमी बढ़ गई जब सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राष्ट्रपति को लेकर की गई कथित टिप्पणी से आहत आदिवासी समुदाय ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और ममता बनर्जी का पुतला फूंककर अपना रोष प्रकट किया।
गांधी पार्क पर उमड़ा जनसैलाब
विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र चकिया का गांधी पार्क रहा, जहाँ आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठी राष्ट्रपति, जो आदिवासी समाज का गौरव हैं, उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नेताओं ने साधा ममता बनर्जी पर निशाना
प्रदर्शन के दौरान एसटी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामनाथ खरवार ने कड़े शब्दों में ममता बनर्जी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने न केवल राष्ट्रपति का अपमान किया है, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार के अपमानजनक बयान बंद नहीं हुए तो आंदोलन और उग्र होगा।
वहीं, रामदुलारे गोंड ने संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के प्रति ऐसी टिप्पणी से आदिवासी समाज मर्माहत है। यह अपमान केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और जनजातीय अस्मिता का है।
नारेबाजी और पुतला दहन
सैकड़ों की संख्या में मौजूद आदिवासियों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और ममता बनर्जी के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन के अंत में प्रतीकात्मक पुतला फूंककर यह संदेश दिया गया कि समाज अपने सम्मान के लिए सदैव सजग है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस भी मुस्तैद रही।