रक्षामंत्री के गांव में फर्जी हस्ताक्षर कर भरे जा रहे 'फॉर्म 7', ग्रामीणों ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा, जानिए कौन रहा है फर्जीवाड़ा
फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म 7 जमा
भभौरा गांव में मतदाताओं का आक्रोश
एआईपीएफ नेता अजय राय की मांग
बीजेपी पदाधिकारियों पर लगे गंभीर आरोप
एसडीएम ने दी निष्पक्ष जांच की चेतावनी
चंदौली जिले के चकिया तहसील अंतर्गत भभौरा गांव में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि गांव के मूल निवासियों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए अज्ञात लोगों द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कर 'फॉर्म 7' जमा किए जा रहे हैं। मामला तब उजागर हुआ जब बीएलओ (BLO) के पास दर्जनों ऐसे फॉर्म पहुँचे, जिन पर मतदाताओं के फर्जी साइन थे।
सत्ताधारी दल के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप
एआईपीएफ (AIPF) नेता अजय राय ने इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) चकिया को अवगत कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि सत्ताधारी दल से जुड़े कुछ लोग उन मतदाताओं को निशाना बना रहे हैं जो काम या नौकरी के सिलसिले में गांव से बाहर रहते हैं। भभौरा गांव के रहने वाले नौशाद, जलालुद्दीन, शलाउद्दीन और अजहर समेत दर्जनों वोटरों ने बताया कि उन्होंने कभी नाम काटने के लिए आवेदन नहीं किया, फिर भी उनके नाम से फर्जी फॉर्म जमा कर दिए गए।
आरोपी का वीडियो वायरल, खुलासे से हड़कंप
ग्रामीणों ने सक्रियता दिखाते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति (महेंद्र) को पकड़ा, जो ये फॉर्म जमा करने की कोशिश कर रहा था। पकड़े जाने पर उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह भाजपा के कुछ पदाधिकारियों के कहने पर यह कार्य कर रहा था। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास राशन कार्ड और कुटुंब रजिस्टर जैसे सभी वैध प्रमाण मौजूद हैं, इसके बावजूद उनके लोकतांत्रिक अधिकार को छीनने की साजिश रची जा रही है।
Video :- रक्षामंत्री के गांव में फर्जी हस्ताक्षर कर भरे जा रहे 'फॉर्म 7
एसडीएम ने दिया सख्त कार्रवाई का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी चकिया ने पीड़ित मतदाताओं को आश्वासन दिया है कि किसी भी वैध वोटर का नाम सूची से नहीं कटने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फॉर्म 7 पर किए गए हस्ताक्षरों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी इस फर्जीवाड़े के पीछे पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अजय राय ने मांग की है कि यह खेल केवल भभौरा तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य गांवों में भी इसकी जांच होनी चाहिए।