चकिया में गूंजी CPM की हुंकार: राष्ट्रपति के नाम सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन, एनटीए (NTA) को भंग करने पर अड़े कार्यकर्ता

 

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में सीपीएम कार्यकर्ताओं ने चकिया तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को पांच सूत्रीय ज्ञापन भेजकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा।

 
 

जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरे कार्यकर्ता

चकिया तहसील मुख्यालय पर सीपीएम का जोरदार प्रदर्शन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने पर जोर

राष्ट्रपति के नाम उपजिलाधिकारी को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन

चंदौली जिले के चकिया में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीएम की तहसील कमेटी के कार्यकर्ताओं ने रविवार को जमकर प्रदर्शन किया। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे देश के छात्रों के समर्थन में यह मोर्चा खोला गया। सीपीएम कार्यकर्ताओं ने चकिया तहसील मुख्यालय पर एकत्रित होकर सरकार विरोधी नारे लगाए और एक बड़ा जुलूस निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से देश के राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एनटीए को भंग करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान सीपीएम नेताओं ने देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों और परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी व जवाबदेह बनाने की आवाज उठाई। सौंपे गए ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने मुख्य रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तुरंत भंग करने, शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई को बंद करने और हालिया परीक्षा अनियमितताओं की किसी निष्पक्ष व विश्वसनीय एजेंसी से जांच कराने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई।

छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप
प्रदर्शन के बाद आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीपीएम के जिला नेता लालचंद सिंह, एडवोकेट राजेंद्र यादव, लालमनी विश्वकर्मा और जयप्रकाश विश्वकर्मा ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जायज मांगें उठा रहे युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है, जिसे सरकार को गंभीरता से सुनना चाहिए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही धांधली और अनियमितताओं से देश के लाखों होनहार विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है और युवाओं का सिस्टम से भरोसा उठ रहा है।

राष्ट्रपति से की हस्तक्षेप करने की अपील
सभा को संबोधित करने वाले अन्य नेताओं में बड़ेलाल, रमेश सिंह, दिलीप कुमार, दशमी राम, गुप्तनाथ और शिवमूरत राम प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी वक्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति से इस गंभीर मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को छात्रों के हितों को देखते हुए उनकी मांगों पर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए ताकि देश में एक पारदर्शी और निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था लागू हो सके। इसके बाद सभी कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी कार्यालय जाकर अपना पांच सूत्रीय ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। इस मौके पर पार्टी के तमाम पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।